एमडीए कार्यालय पर बुधवार से चल रहा किसानों का धरना बृहस्पतिवार शाम कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के आश्वासन पर समाप्त हो गया। मंत्री ने एमडीए अधिकारियों को अंग्रेजों की मानसिकता वाला बताया। इससे पूर्व धरने पर बैठे तीन किसानों की गर्मी के कारण हालत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
एमडीए पर चल रहे धरने पर किसानों ने बृहस्पतिवार को भी उग्र रूप दिखाया। किसानों ने जोरदार नारेबाजी की। संयुक्त संघर्ष समिति के महामंत्री हरविंदर सिंह ने कहा कि किसान अपनी मांग पर अडिग हैं क्योंकि यह एमडीए की वादा खिलाफी है। समझौते का उल्लंघन एमडीए कर रहा है किसान नहीं। इसी बीच महिला किसानों ने भी मार्ग बंद कर नारेबाजी शुरू कर दी। मुख्य अभियंता एससी मिश्रा समेत कई अधिकारी अपने दफ्तरों में मौजूद रहे।
किसानों के बीच पहुंचे शाहिद मंजूर
बृहस्पतिवार को कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर सर्किट हाउस में थे। इसका पता चलते ही दोपहर को रजपुरा के किसान और काफी महिलाएं ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर सर्किट हाउस पहुंच गए। उन्होंने मंत्री के सामने अपनी बात रखी।
इसके बाद मंत्री ने 15 मिनट में धरनास्थल पर आने की बात कही। लगभग साढे़ तीन बजे मंत्री शाहिद मंजूर शाहिद मंजूर धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह समझौता उन्हीं के प्रयासों से हुआ था इसे पूरी तरह से लागू भी वे ही कराएंगे।
उन्होंने कहा कि एमडीए की शानदार बिल्डिंग बनाने वालो सुन लो किसानों के घर भी ऐसे ही बनाने होंगे। उन्होंने किसानों से कहा कि एमडीए अधिकारी अंग्रेजों की मानसिकता वाले हैं। इनके चक्कर में गर्मी में धरना मत दो और घर जाओ। अब यह उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे दो दिन बाद मामले को लेकर कमिश्नर, डीएम और वीसी से वार्ता करेंगे। उनके आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
अधिकारी बोले एमडीए पर नहीं कोई पैसा
इस प्रकरण को लेकर इंस्पेक्टर सिविल लाइन एसके राणा किसानों की धरना समाप्त करने के लिए मान मनोव्वल करते रहे। उन्होंने किसानों से चीफ इंजीनियर के कक्ष में वार्ता की। फोन पर वीसी ने उनसे कहा कि किसानों का कोई पैसा एमडीए पर नहीं निकलता।
किसान अपनी बात सक्षम अधिकारियों के सामने रखें और धरना समाप्त करें। चीफ इंजीनियर एसके मिश्रा ने भी कहा कि यदि एमडीए समझौता नहीं मान रहा है तो किसान अदालत का सहारा ले सकते हैं। इस तरह का प्रदर्शन ठीक नहीं है।
किसानों ने कहा कि धरना किसी सूरत में समाप्त नहीं होगा? अब एमडीए अधिकारी समझौते को भी नकार रहे हैं। हरविंदर सिंह, सुरेंद्र भड़ाना, रोहित गुर्जर, पोपीन प्रधान, अनिल चौधरी, चंदन, तेजपाल सिंह, राजपाल सिंह, विक्रांत, रणपाल सिंह, संतपाल सिंह, तोफाराम, महिपाल आदि किसान मौजूद रहे।
तीन किसानों की हालत बिगड़ी
दोपहर डेढ़ बजे अचानक गर्मी के कारण दो किसानों की हालत बिगड़ गई। मलियाना निवासी किसान सत्यपाल प्रजापति, गंगानगर निवासी कय्यूम की हालत खराब होने पर सभी के हाथ पांव फूल गए। पहले सरकारी एंबुलेंस 108 पर कॉल की लेकिन वह नहीं आई। बाद में उन्हें निजी वाहन से धनवंतरि अस्पताल पहुंचा गया। इसके बाद रजपुरा की किसान जरीना की भी हालत बिगड़ी। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया।
इस बार नहीं आए अधिकारी
धरना दो दिन चला पर, लेकिन एमडीए अधिकारी किसानों के बीच नहीं आए। दोनों में से कोई तहसीलदार आदि भी नहीं पहुंचा। सचिव तो लखनऊ ही निकल गए। इस पर भी किसानों ने नाराजगी जताई।
बाहर बनाया भोजन
बुधवार को महिला किसानों ने एमडीए कार्यालय में चूल्हे सुलगा दिए थे, लेकिन बृहस्पतिवार को पार्क में ही भट्ठी पर भोजन बनाया।