पांच लाख रुपये का प्रलोभन देकर धर्मपरिवर्तन कराने की कोशिश के मामले में पुलिस ने दोनों आरोपी युवकों को थाने से जमानत देकर छोड़ दिया।
बता दें कि बुधवार को रोहटा रोड स्थित विकास एंकलेव में पवन गुप्ता के घर ईसाई समाज के जतिन जोजफ और शिरीष नाम के दो युवक पहुंचेे थे। पवन गुप्ता का आरोप है कि दोनों उन्हें पांच लाख रुपये का प्रलोभन देकर धर्मपरिवर्तन के लिए बहका रहे थे। वहीं आरोपी युवकों को कहना था कि वे सिर्फ प्रभु यीशू के बताए संदेशों का प्रचार करने के लिए पवन गुप्ता से वहां पर समागम कराने की अनुमति मांग रहे थे। बजरंग दल के प्रांतीय संयोजक बलराज डूंगर ने अपने समर्थकों के साथ दोनों युवकों को बंधक बनाकर पीटा था। सूचना पर पहुंची पुलिस युवकों को थाने ले गई थी। पवन गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई था। बृहस्पतिवार को ईसाई समाज के एमएस मैथ्यू व विनोद कुमार थाने पहुंचे इंस्पेक्टर सचिन मलिक से मिले। इंस्पेक्टर सचिन मलिक का कहना है कि दोनों युवकों को थाने से जमानत देकर छोड़ दिया गया है।
पुलिस पर एक तरफा की कार्रवाई का आरोप
ईसाई समाज के एमएस मैथ्यू व विनोद कुमार का कहना है कि पुलिस ने पूरे प्रकरण में एक तरफा कार्रवाई की है। दोनों युवकों को पवन गुप्ता व बजरंग दल के लोगों ने बंधक बनाकर पीटा और उनसे लूटपाट की। उन्होंने इस मामले में तहरीर दी, लेकिन पुलिस उने से स्वीकार नहीं किया। जिसके बाद उन्होंने अब मेरठ कैंट डाकघर से आरोपियों के खिलाफ थाने में तहरीर पोस्ट की है। अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो वे कोर्ट के माध्यम से आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराएंगे। शुक्रवार को पूरे प्रकरण से एसएसपी को अवगत कराएंगे। वहीं इंस्पेक्टर सचिन मलिक का कहना है कि मामले में तहरीर नहीं दी गई है। अगर तहरीर आती है तो कार्रवाई की जाएगी।