शिव पुराण कथा में कथा वाचन करते अरविंद शास्त्री
मेरठ। रामा संकीर्तन मंदिर लालकुर्ती में चल रही शिवमहापुराण कथा के 27वें दिन कथा में भक्ति गीतों पर श्रद्धालु नाचते नजर आए। पंडित अंबुज मिश्रा ने कहा कि ओ पापी मन कर ले भजन, बाद में प्यारे पछताएगा, जब पिंजरे से पंछी निकल जाएगा। उन्होंने कथा में कहा कि गजासुर महिसासुर का पुत्र था, जो देवताओं से बदला लेना चाहते थे। उसने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की, जिसके बाद शिवजी ने उसे दर्शन दिए और वरदान मांगने को कहा। गजासुर ने शिवजी को ही अपने पेट में समा जाने का वरदान मांगा। शिवजी ने अपने भक्त की इच्छा पूरी करने के लिए ऐसा ही किया। गजासुर के पेट में समाने के बाद, शिवजी को कष्ट होने लगा। गजासुर शिवजी के पेट में होने के कारण, अत्यंत अहंकारी हो गया जिसकी मृत्यु देवी दुर्गा के हाथों हुई थी। गजासुर अपने पिता की मृत्यु का बदला लेना चाहता था। संवाद