मेरठ आए थे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य।
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यूरोप की तर्ज पर होगा सड़कों का निर्माण
यूरोप की एफडीआर टेक्नोलॉजी यानी पुरानी सड़क की निर्माण सामग्री से ही प्रधानमंत्री सड़क योजना की सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसमें ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ही नहीं बल्कि आईआईटी रुड़की की भी मुख्य भूमिका होगी। केमिकल, सीमेंट और मिट्टी के मिश्रण से सड़क बनाने की सामग्री तैयार होगी। यूरोप और जापान की मशीनों से नई टेक्नोलॉजी की सड़क बनेंगी। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के इंजीनियर इसकी तैयारी कर चुके हैं।
सर्किट हाउस परिसर के एनेक्सी भवन में आरईएस विभाग के इंजीनियरों के साथ बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से कम खर्च में मजबूत सड़क बनेंगी। देहात में प्रधानमंत्री सड़क योजना की तीन मीटर चौड़ी सड़कों को पांच मीटर चौड़ा और एक फीट मोटाई करनी है। उन्होंने कहा कि यूरोप की तर्ज पर सड़कों का निर्माण शुरू कराया जाए। उन्होंने आगरा, मैनपुरी और हापुड़ में बनाई गई सड़कों का उदाहरण भी दिया। बैठक में अधीक्षण अभियंता देवेंद्र बालियान, अधिशासी अभियंता उमेश त्यागी समेत सभी अधिकारी मौजूद रहे।
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पहाड़ और नदियों से नहीं लानी पड़े निर्माण सामग्री
इस तकनीक से निर्माण के चलते पहाड़ और नदियों से निर्माण सामग्री नहीं लानी होगी। विदेशी केमिकल, सीमेंट और स्थानीय मिट्टी से सड़क निर्माण सामग्री तैयार होगी। इसकी गुणवत्ता की जांच आईआईटी रुड़की की लैब में होगी। इसके बाद ही यूरोप की तर्ज पर उप्र के सभी जनपदों में सड़कें बनायी जाएंगी।
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सहायक अभियंता संघ ने डिप्टी सीएम को सौंपा ज्ञापन
मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल के इंजीनियरों का प्रमोशन सिविल वर्ग में न किए जाने की मांग को लेकर सहायक अभियंता संघ के पदाधिकारियों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को ज्ञापन सौंपा। सहायक अभियंता निशुमान, फतेह चंद, विपिन चौधरी, रोहित, प्रशांत पाल, अमित सहित अन्य ने कहा कि अगर सरकार दूसरे वर्ग के इंजीनियरों का प्रमोशन सिविल वर्ग में करती है तो सिविल वर्ग के इंजीनियरों के साथ अन्याय होगा। इसके अलावा लिपिक वर्ग के सुनील आदि ने डिप्टी सीएम से कहा कि अन्य विभागों की तर्ज पर लिपिकों की पदोन्नति जेई के पद पर की जानी चाहिए।