आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की बात कहने को लेकर देवबंदी उलेमा ने नाराजगी का इजहार किया है। उलेमा का कहना है कि सेक्युलर मुल्क में रहकर इस तरह की बातें करना गैर जिम्मेदाराना है।
मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड का कहना है कि कल तक श्रीश्री रविशंकर राम मंदिर मुद्दे पर बैठकर बात करने का राग अलाप रहे थे और आज वह सुप्रीम कोर्ट को नजर अंदाज कर अध्यादेश लाने का बयान दे रहे हैं।
यह सरासर गैर जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि मंदिर तोड़कर मस्जिद और मस्जिद को तोड़कर मंदिर बनाने का सिलसिला समाप्त होना चाहिए। क्योंकि इससे मुल्क के साथ ही संविधान कमजोर होगा।
जो लोग यह सोच रहे हैं कि संविधान और मुल्क के कमजोर होने का नुकसान किसी विशेष वर्ग को उठाना पड़ेगा तो यह सोच गलत है, जबकि सच्चाई यह है कि अगर ऐसा होता है तो तमाम भारतीयों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।