विश्व हिंदू परिषद की फायर ब्रांड नेता साध्वी प्राची के मुस्लिम युवतियों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर देवबंदी उलमा आगबबूला हो गए हैं। उलमा का कहना है कि सभी धर्मों के अपने पर्सनल लॉ होते हैं, जिसके तहत वह अपनी जिंदगी गुजारते हैं। इसमें किसी को हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। साध्वी प्राची का बयान मुल्क में नफरत फैलाने की साजिश है।
तीन तलाक और हलाला प्रथा को लेकर विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची ने वृंदावन में कहा है कि मुस्लिम महिलाएं तलाक एवं हलाला जैसी पीड़ा से बचने के लिए हिंदू युवाओं से शादी कर लें। साध्वी के इस विवादित बयान पर मदरसा जामिया हुसैनिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी का कहना है कि हर धर्म के अपने कायदे कानून हैै जिनके तहत वह अपनी जिंदगी गुजारते हैं। जिस तरह किसी हिंदू लड़की की शादी मुस्लिम लड़के से नहीं हो सकती ठीक उसी तरह किसी मुस्लिम लड़की की शादी भी हिंदू लड़के से नहीं हो सकती। साध्वी प्राची और उन जैसे नेता बिना किसी जानकारी के बड़ बोलेपन में उल्टे सीधे बयान देकर मुल्क में नफरत का माहौल बनाना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि हलाला को गलत ढंग से पेश कर देश की जनता और सेक्यूलर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। इसलिए साध्वी प्राची हमारे पास आएं तो हम उन्हें समझाएंगे की हलाला क्या है और उसकी हकीकत क्या है।