फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कॉलेज में लड़कियों के बुर्के पर पाबंदी से देवबंदी उलमा सख्त नाराज, कही ये बड़ी बात

Fri, 03 May 2019 01:02 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
विज्ञापन
देवबंद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

केरल के मल्लापुरम में स्थित मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी द्वारा एमईएस कॉलेज परिसर में लड़कियों के बुर्का पहनने और मुंह ढकने पर लगाई गई पाबंदी पर देवबंदी उलमा ने सख्त नाराजगी का इजहार किया है। उलमा का कहना है कि इस तरह की सोच रखने वाला घटिया और छोटी सोच का होना दर्शाता है। 

विज्ञापन


फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि इस तरह बुर्के पर पाबंदी लगाना शरीयत के खिलाफ है उनको यह फैसला वापस लेना चाहिए। क्योंकि पर्दा इस्लाम की बुनियादी तालीम में है और हर मुस्लिम औरत के लिए जरूरी है कि वह पर्दा करे। 

उन्होंने कहा कि पर्दा औरत की हिफाजत करता है। प्रबंधतंत्र को बुर्के से क्या आपत्ति है जो उन्होंने उस पर पाबंदी लगाई है। यह सरासर बुनियादी हकों पर हमला है। मुफ्ती अरशद ने कहा कि सभी मुस्लिम संगठनों और मुसलमानों को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और मांग करनी चाहिए कि मुस्लिम लड़कियों को कुरआन व हदीस के हुक्म के विपरीत चलने वाला कार्य न कराएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि एमईएस कॉलेज में मुस्लिम बच्चियों के बुर्के पर पाबंदी लगाने का क्या मतलब है। प्रबंधतंत्र से पूछना चाहता हूं कि आखिर उन्हें बुर्के से क्या आपत्ति है। 

उन्होंने कहा कि मुस्लिम बच्चियां तहजीब के दायरे में घर से आती हैं तो उनको क्या दिक्कत है। उन्होंने बुर्के पर पाबंदी लगाकर मुसलमान और इस्लाम पर पाबंदी लगाने का काम किया है। अल्लाह इनको कभी माफ नहीं करेगा। शरीयत पर अंगुली उठाने वाले अल्लाह से तौबा करें और पाबंदी को वापस लें।

नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें