मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि एमईएस कॉलेज में मुस्लिम बच्चियों के बुर्के पर पाबंदी लगाने का क्या मतलब है। प्रबंधतंत्र से पूछना चाहता हूं कि आखिर उन्हें बुर्के से क्या आपत्ति है।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम बच्चियां तहजीब के दायरे में घर से आती हैं तो उनको क्या दिक्कत है। उन्होंने बुर्के पर पाबंदी लगाकर मुसलमान और इस्लाम पर पाबंदी लगाने का काम किया है। अल्लाह इनको कभी माफ नहीं करेगा। शरीयत पर अंगुली उठाने वाले अल्लाह से तौबा करें और पाबंदी को वापस लें।
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