देवबंद के नूनाबड़ी गांव निवासी चौदह वर्षीय कादिर के पैर में दर्द की वजह से उसे देवबंद के मजनू रोड स्थित अस्पताल में करीब चार दिन पहले भर्ती कराया गया था।
आरोप है कि चिकित्सक ने तीन से चार इंजेक्शन लगा दिए और चार से पांच बोतल चढ़ा दीं। जब कादिर की हालत बेहद बिगड़ गई तो चिकित्सक ने हाथ खड़े कर दिए। परिजन कादिर को लेकर ऋषिकेश एम्स पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि एम्स के चिकित्सकों ने देवबंद में इलाज के दौरान हाईडोज देने से बच्चे का फेफड़े खराब होने और बेहद गंभीर स्थिति होने की बात कही। इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई।
ऋषिकेश से लौटे परिजनों ने देवबंद स्थित मजनू रोड स्थित अस्पताल पर जोरदार हंगामा किया। हंगामा के दौरान चिकित्सक फरार हो गया। पुलिस को जानकारी लगी तो वह मौके पर पहुंची और हंगामा करने वाले लोगों को बमुश्किल शांत कराया।
पुलिस ने मौके से अस्पताल के कंपाउंडर को हिरासत में लिया है। पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि तहरीर अभी आई नहीं है। तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बताते चलें कि देवबंद में झोला-छाप डाक्टरों की भरमार है और फर्जी डिग्री के बल पर भी चिकित्सक लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।