जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी द्वारा ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के विरोध में दिए गए बयान पर बहस शुरू हो गई है। इस बहस में देवबंदी उलमा भी कूद गए हैं। मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड़ का कहना है कि कौन लीडर बनेगा कौन नहीं बनेगा यह अवाम तय करती है। हालांकि उन्होंने बयान में मदनी का नाम नहीं लिया।
मंगलवार को मुफ्ती अहमद गौड़ ने कहा कि यह जो बातें सामने आ रही है कि किसी को लीडर नहीं बनने दिया जाएगा। इस तरह की बातें व्यक्तिगत हो सकती हैं। कौन लीडर बनेगा और कौन नहीं बनेगा यह सलाहियत पर निर्भर करता है और अवाम तय करती है कि कौन किसका लीडर बनेगा। उन्होंने कहा कि हमारा किसी की विचारधारा से इख्तलाफ हो सकता है और उस विचारधारा की मुखालफत (विरोध) करना यह हमारा संवैधानिक अधिकार है, लेकिन प्रजातंत्र में कोई भी मैं वाली बात नहीं चलती। बल्कि इसमें हम वाली बात चलती है और यही बात करनी चाहिए। हम सभी को आज के वक्त में विकास को लेकर बयान देने चाहिए।