दुकान पर बैठे एक व्यक्ति ने उसे दूसरे धर्म की खूबियां बतानी शुरू कर दीं। कुछ दिन बाद उसने मकान दिलाने और शादी कराने का लालच देकर धर्म परिवर्तन करा दिया।
इसके बाद उसने अपना नाम मो. मुस्तफा रख लिया। लेकिन छह साल बाद भी न मकान मिला और न ही बीवी। उम्र भी 33 साल से 39 साल हो गई।
उसने वापस हिंदू धर्म अपनाने का निर्णय लिया। इसके बाद उसे धमकियां मिलने लगीं। वह हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेंद्रपाल सिंह से मिला, जिन्होंने उसकी धर्म वापसी कराई।
पेशे से ट्रक ड्राइवर विकास कोहली ने बताया कि धर्म परिवर्तन के बाद उसके नाते रिश्तेदारों ने भी संबंध समाप्त कर लिए थे, लेकिन अब रिश्तेदारों और समाज ने भी अपना लिया है।