मेरठ में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बार डेंगू के मच्छर फैशनेबल युवाओं को ज्यादा डंक मार रहे हैं। यह खुलासा हुआ है स्वास्थ्य विभाग की सर्वे रिपोर्ट में। विभाग ने ये सर्वे इस साल अब तक मिले डेंगू के 605 मरीजों पर किया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 10 साल तक उम्र के मरीजों की संख्या 60 है, जबकि 11 से 20 साल तक उम्र वाले 110 मरीज मिले हैं। इनमें काफी मरीज टीनएजर्स भी हैं, जिनकी उम्र 14 से 19 साल है। सबसे ज्यादा 21 से 40 साल उम्र के मरीजों की तादाद 224 है। इनके बाद डेंगू के मरीजों की संख्या कम है। 41 साल से लेकर 80 साल उम्र के कुल 141 मरीज हैं। इनमें 60 से 80 साल तक के 25 मरीज हैं। ये सर्वे रिपोर्ट उन मरीजों की है, जिन्हें डेंगू की पुष्टि मेडिकल अस्पताल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में हुई है। जिले में बृहस्पतिवार तक 614 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है।
इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू को लेकर दो सर्वे और किए थे। एक सर्वे में शहर के पूर्वी क्षेत्र में सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज पाए गए थे और दूसरा सर्वे शहर और देहात के मरीजों का किया गया था, जिसमें शहर के मरीजों की संख्या देहात के मरीजों की संख्या से तीन गुने से भी ज्यादा मिली थी। गौरतलब है कि डेंगू मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से होता है, जो दिन के समय काटता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि मच्छर युवाओं को ही ज्यादा क्यों काट रहे हैं, इसका कोई मेडिकली कारण तो सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि इसकी वजह यही है कि युवा थोड़ी लापरवाही बरतते हैं, जिस कारण मच्छरों से बचाव के निर्देशों का पालन गंभीरता से नहीं करते हैं। टी शर्ट, हाफ पेंट, बरमूडा, कैप्री आदि ज्यादा पहनते हैं। इस कारण मच्छरों द्वारा उन्हें काटने की आशंका ज्यादा रहती है। यही वजह है कि स्कूलों में भी बच्चों को फुल यूनिफार्म पहन कर जाने के निर्देश दिए गए थे। डेंगू से बचाव के निर्देशों में यह बात साफ तौर पर कही गई है। उन्होंने बताया कि रोकथाम के लिए शहर और देहात में जगह-जगह फॉगिंग और एंटी लार्वा स्प्रे कराया जा रहा है।