- किसानों ने प्राधिकरण के अधिकारियों पर लगाए झूठे आश्वासन देने के आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण किसानों को बढ़े प्रतिकर के बदले प्लॉट व नकद भुगतान न देने से नाराज किसानों ने बुधवार को मंडलायुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा कि यह एमडीए की योजनाओं के किसानों के साथ धोखा है। पीड़ित किसान संयुक्त किसान संघर्ष समिति के जसवीर सिंह, मंगत सिंह, सुरेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, नरेश, गौरव गुर्जर आदि ने कहा कि 2015 में हुई एमडीए की बोर्ड बैठक में गंगानगर, लोहियानगर व वेदव्यास पुरी आवासीय योजनाओं को शताब्दी नगर योजना के बराबर, समानता के आधार पर अतिरिक्त प्रतिकर देने का निर्णय हुआ था। शासन की स्वीकृति के बाद उपरोक्त तीनों योजनाओं के छोटे किसानों को तत्कालीन मंडलायुक्त प्रभात कुमार व अनीता मेश्राम, तत्कालीन एमडीए उपाध्यक्ष ने चेक वितरित किए थे। इसके बाद कोरोना काल आ गया। उसके बाद से किसानों को कोई प्लॉट या चेक नहीं दिया गया।
किसानों ने कहा कि बार-बार किसानों व प्राधिकरण के अधिकारियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। प्राधिकरण द्वारा झूठे आश्वासन देकर टाल-मटौल किया जा रहा है। पिछले वर्ष प्रकरण को बोर्ड बैठक में रख गया। जो अनुचित नहीं है। किसानों ने मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद से कहा कि किसानों का पूर्व में एमडीए से हुए समझौते के आधार पर प्लाॅट और नकद भुगतान कराया जाए। इनके साथ दिनेश कुमार, चमनपाल, योगेश आदि मौजूद रहे।