रासना में लोकतंत्र रक्षक सेनानी के निधन पर सलामी देती थाना पुलिस।
- फोटो : SARDANA
सरूरपुर। देश में आपातकालीन स्थिति के दौरान तीन माह जेल में काटने वाले लोकतंत्र रक्षक सेनानी बृजमोहन त्यागी का बीमारी के चलते सोमवार सुबह देहांत हो गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लग गया। दोपहर बाद सीओ सरधना, एसओ ने उन्हें सलामी दी। बाद में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जानकारी के अनुसार रासना गांव निवासी 70 वर्षीय बृजमोहन त्यागी पुत्र रामदत्त त्यागी लोकतंत्र रक्षक सेनानी थे। परिजनों के मुताबिक वह काफी दिनों से बीमार थे। उनका इलाज मेरठ के एक अस्पताल में चल रहा था। बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ने पर मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार अलसुबह उनका देहांत हो गया। सेनानी की मौत की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। वहीं गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा। ग्रामीणों ने सेेनानी के शव पर पुष्प अर्पित करते हुए श्रृद्धांजलि दी। परिजनों के मुताबिक बृजमोहन त्यागी 1975 के दौरान देश में लगी आपातकाल के दौरान तीन माह तक मेरठ जेल में बंद रहे थे। उन्हें लोकतंत्र रक्षक सेनानी का दर्जा दिया गया था। निधन की जानकारी पर पुलिस उनके आवास पर पहुंचा और परिजनों को सांत्वना दी। दोपहर बाद सीओ सरधना पंकज कुमार सिंह ने सलामी देते हुए राजकीय सम्मान के साथ शव को तिरंगे में लपेटकर अंतिम यात्रा निकाली। गांव के ही श्मशान घाट पर बेटे अंशुल त्यागी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस बीच तहसील की टीम भी मौजूद रही।
ब्रजमोहन त्यागी का फाईल फोटो।- फोटो : SARDANA