- एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उपजिलाधिकारी से उनके कार्यालय में मुलाकात कर क्षेत्र के थोक व फुटकर व्यापारियों को ई-मंडी पोर्टल के माध्यम से लाइसेंस बनवाने और नवीनीकरण कराने में आ रही व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
एसडीएम संतोष कुमार सिंह को दिए ज्ञापन में व्यापारियों ने मांग की कि नवीन आवेदन और नवीनीकरण की ऑनलाइन प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया जाए, आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट चेकलिस्ट जारी की जाए और पोर्टल की तकनीकी कमियों को दूर कर व्यापारियों को पेनल्टी में राहत दी जाए। पदाधिकारियों ने एसडीएम के समक्ष अपनी 13 सूत्री मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल में शैवाल दुबलिश, नदीम, राजबीर चौधरी, मांगेराम मित्तल, अंकित जैन और गौरव रस्तोगी मुख्य रूप से शामिल रहे।
ज्ञापन में मुख्य मांगें आजीवन लाइसेंस की जानकारी सार्वजनिक की जाए, मंडी नियमानुसार फुटकर लाइसेंस का शुल्क 160 रुपये प्रति वर्ष और थोक लाइसेंस का शुल्क 310 रुपये प्रति वर्ष है। व्यापारी चाहें तो 10 वर्ष की फीस एकमुश्त जमा करके आजीवन मंडी लाइसेंस बनवा सकते हैं। दो पृथक चेक लिस्ट जारी हों, नवीन लाइसेंस और पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज की दो अलग-अलग चेक लिस्ट जारी की जाए। जागरूकता एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण शिविर, ई-मंडी पोर्टल के संचालन, दस्तावेज अपलोडिंग और फीस भुगतान सिखाने के लिए मंडी समिति में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएं।
मंडी समिति में स्थायी ई-मंडी सहायता डेस्क की स्थापना की जाए। 30 जून के बाद लगने वाले अत्यधिक विलंब शुल्क/पेनल्टी की समीक्षा कर तकनीकी कारणों से हुई देरी पर व्यापारियों को छूट दी जाए। बकाया राशि और नवीनीकरण की अंतिम तिथि की जानकारी एसएमएस व्हाट्स एप के जरिए दी जाए। उपजिलाधिकारी ने व्यापारियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए मंडी समिति के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया।