मेरठ। विद्युत निगम में हुए फर्जीवाड़े के मामले को लेकर मेरठ व्यापार मंडल ने मोर्चा खोलते हुए सोमवार को चीफ इंजीनियर एसबी यादव का घेराव किया। चीफ इंजीनियर ने मामले की जांच कराने की बात कही तो व्यापारी उखड़ गए और दोषियों को जल्द से जल्द जेल भेजने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान डेढ़ घंटे तक हंगामा होता रहा।
विक्टोरिया पार्क स्थित चीफ इंजीनियर कार्यालय पर मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जीतू नागपाल ने कहा कि उपभोक्ता से असली जुर्माना वसूलकर नकली रसीद थमाने का मामला बेहद गंभीर है। विभागीय कर्मचारी बनकर उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी की जा रही है। अभी चार उपभोक्ता सामने आए हैं। अगर मामले की जांच कराई जाए तो यह एक बड़ा फर्जीवाड़ा साबित हो सकता है, लेकिन विभाग की निष्क्रियता से साफ है कि विभाग की मिलीभगत से ही यह सब हो रहा है।
बातचीत के दौरान चीफ इंजीनियर एसबी यादव ने इस मामाले को उपभोक्ता और निजी कंपनी के बीच का विवाद बताकर हाथ खड़े कर दिए, तो व्यापारी भड़क गए और हंगामा कर दिया। दोनों पक्षों में काफी देर तक बहस होती रही। जीतू नागपाल ने कहा कि विद्युत निगम मामले से पीछा नहीं छुड़वा सकता। जिम्मेदारों को उपभोक्ताओं के साथ हो रहे शोषण का जवाब देना होगा।
जिला प्रभारी शैंकी वर्मा ने आरोप लगाया कि विद्युत निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है। एक तार जोड़ने के लिए कर्मचारी 500 से 1000 रुपये वसूलते हैं। मीटर शंट दिखाकर जुर्माना वसूला जाता है। उपभोक्ताओं की सुनवाई नहीं होती है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों को जेल नहीं भेजा जाएगा वे शांत नहीं बैठेंगे। जरूरत हुई तो वे एमडी का भी घेराव करेंगे। हंगामा बढ़ता देखकर एसबी यादव ने व्यापारियों को 48 घंटे में कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत किया। घेराव करने वालों में जीशान अहमद, शिवम वर्मा, संजय अग्रवाल, साकिब, प्रशांत कौशिक, कुशान गोयल, शाहबाज, पंडित अरुण शर्मा, उमाशंकर भी मौजूद रहे।