संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की बढ़ाई गई प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल करने की मांग की है। संघ की जिलाध्यक्ष संतोष परमार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से भेजा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय पर दिए गए ज्ञापन में कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 2500 रुपये और सहायिकाओं के लिए 1250 रुपये की प्रोत्साहन राशि बढ़ाई गई है। मांग है कि इस राशि को मूल मानदेय में शामिल किया जाए। संघ ने आरोप लगाया कि पूर्व में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान कई जिलों में नियमित नहीं हो रहा है। कई कार्यकर्ताओं की राशि महीनों से लंबित है। जबकि कुछ मामलों में वर्षों से भुगतान नहीं हुआ है। संघ ने लंबित मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भी शीघ्र भुगतान कराने की मांग की।
ज्ञापन में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से जीपीएस आधारित उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था का भी विरोध किया गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या रहती है। कई बार आर्थिक परेशानी के कारण मोबाइल रिचार्ज नहीं होने से भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना मुश्किल हो जाता है। विभागीय बैठक, प्रशिक्षण, रैली और अन्य सरकारी कार्यों के लिए केंद्र से बाहर जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में जीपीएस के माध्यम से केंद्र की उपस्थिति दर्ज कराना संभव नहीं हो पाता। इस मौके पर संघ की जिला उपाध्यक्ष कविता शर्मा, जिला महामंत्री कुसुम नवल, सुमन, रजनी, बबिता, सविता आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।