कम हुई सैनिटाइजर की मांग, मिलों का नहीं बिका पुराना स्टॉक
बिजनौर/शामली/सहारनपुर। कोरोना संक्रमण काल में जब अन्य उद्योग बंद हो गए चीनी मिलों और उनसे संबद्ध आश्वनियों (डिस्टिलरी) ने सैनिटाइजर बनाना शुरू किया था। इससे भी शीरे की मांग बढ़ी और रेट बढ़ते गए। अब धीरे-धीरे मांग कम हो गई है और चीनी मिलों के पास पुराना स्टाक बचा हुआ है, इसके चलते शामली, धामपुर और स्योहारा चीनी मिलों ने सैनिटाइजर बनाना बंद कर दिया है। हालांकि दूसरे उद्योग शुरू होने के बाद और सरकारी नियंत्रण के बाद शीरे के दाम बढ़ गए हैं। ऐसे में मिलों के लिए सैनिटाइजर बनाने के बजाय शीरे को खुले बाजार में बेचना अधिक मुनाफे का सौदा है।
सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क के साथ साथ सैनिटाइजर को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बहुत अहम माना गया था। मार्च में सैनिटाइजर की इतनी मांग थी कि मेडिकल स्टोर से सैनिटाइजर की बोतल अधिक कीमत में बिकी थी। जिले की चार मिलों धामपुर, बरकातपुर, स्योहारा व बुंदकी ने सैनिटाइजर बनाया था। स्योहारा मिल के अधिशासी अध्यक्ष सुखवीर सिंह ने बताया कि मिल में सैनिटाइजर नहीं बनाया जा रहा है। इसकी ज्यादा मांग भी नहीं आ रही है। धामपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप शर्मा ने भी कहा है कि मांग में कमी आने के कारण इस बार सैनिटाइजर नहीं बनाया जा रहा है। बरकातपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक विश्वासराज सिंह ने बताया कि पिछले पेराई सत्र में बना सैनिटाइजर अब तक नहीं बिका है। द्वारिकेश ग्रुप के मुख्य महाप्रबंधक एसबी सिंह बताते हैं कि उनकी मिल में कभी-कभी सैनिटाइजर बनाया जाता है, मांग बहुत कम हो गई है। शामली चीनी मिल ने अप्रैल माह से सितंबर तक करीब एक लाख लीटर सैनिटाइजर बनाया, लेकिन अब मांग नहीं होने के कारण बंद कर दिया है। गागलहेडी चीनी मिल सहारनपुर में भी करीब 25 हजार लीटर सैनिटाइजर का स्टॉक बचा हुआ है। मेरठ में दौराला और नगला मल चीनी मिल सैनिटाइजर बना रही है। मुजफ्फरनगर में एक लाख 16 हजार लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन हुआ है।
बिजनौर जिले में शीरे का उत्पादन
चीनी मिल शीरा
बिजनौर 37950
स्योहारा 292686
नजीबाबाद 39874
बरकातपुर 57018
बुंदकी 173965
चांदपुर 57415
अफजलगढ़ 172315
धामपुर 340930
बिलाई 149520
योग 1321674
नोट:शीरा क्विंटल में है। आंकड़े आबकारी विभाग से लिए गए हैं।