संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका में आउटसोर्सिंग कर्मियों के ईपीएफ और कर्मचारी राज्य बीमा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सभासदों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। सभासदों का आरोप है कि 14-15 वर्षों से एक ही ठेकेदार और उसके परिवार को आउटसोर्सिंग का ठेका दिया जा रहा है। इस दौरान ठेका कर्मियों के कर्मचारी भविष्य निधि व कर्मचारी राज्य बीमा में बड़े स्तर पर हेराफेरी की गई है।
सभासद शानू जैन, राहुलपाल, आशीष त्यागी ने आरोप लगाया कि ठेकेदार की नगर पालिका के लिपिक से मिलीभगत है और दोनों ने मिलकर वर्षों से गरीब कर्मियों के अधिकारों का शोषण किया है। उनका कहना है कि वर्तमान ईओ द्वारा लगभग 16 लाख रुपये ईपीएफ जमा कराया गया, जबकि कई वर्षों के बकाया में लाखों रुपये की अनियमितताएं सामने आ रही हैं। सभासदों ने यह भी सवाल उठाया कि इतने वर्षों से एक ही ठेकेदार को आउटसोर्सिंग का ठेका कैसे दिया जा रहा है।
उनका कहना है कि सरकार वाल्मीकि समाज व सफाई कर्मचारियों के उत्थान के लिए योजनाएं चला रही है लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की मिलीभगत से कर्मचारियों का हक मारा जा रहा है। सभासदों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि गत 14-15 वर्षों के ईपीएफ व कर्मचारी राज्य बीमा की जिला स्तरीय समिति से निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने उपजिलाधिकारी सरधना की बजाय जिला स्तर पर जांच कराने की मांग की है ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।