- मेरठ मंडल में विकास के कार्यों को लेकर मंत्री जयवीर सिंह ने ली बैठक
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। प्रदेश सरकार मेरठ मंडल को धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन का मजबूत केंद्र बना रही है। बृहस्पतिवार को कमिश्नरी सभागार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कैंट विधायक अमित अग्रवाल, विधायक गुलाम मोहम्मद, कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे करने के निर्देश दिए।
बैठक में पर्यटन विभाग की वर्ष 2026-27 के लिए 27 परियोजनाएं प्रस्तावित की गईं। इनकी अनुमानित लागत करीब 50.45 करोड़ रुपये है। इनमें मेरठ के दो, गाजियाबाद के चार, गौतमबुद्धनगर के तीन, बुलंदशहर के सात और हापुड़ के आठ प्रस्ताव हैं। सरकार का ध्यान धार्मिक पर्यटन, विरासत संरक्षण और स्थानीय स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने पर है।
प्रमुख स्थलों में प्राचीन विश्वनाथ महादेव मंदिर, मां संतोषी माता मंदिर, महाभारत कालीन गंगा मंदिर शामिल हैं। भावेश्वर महादेव मंदिर, मां चामुंडा देवी मंदिर, गुरु गोरखनाथ मंदिर और भूतेश्वर शिव मंदिर भी विकसित होंगे। संत कबीरदास से जुड़े ऐतिहासिक स्थल और ब्रजघाट क्षेत्र को भी प्राथमिकता मिलेगी। गंगा तट से जुड़े स्थलों के पर्यटन विकास पर भी सहमति बनी।
परियोजनाओं का उद्देश्य और कार्य
इन योजनाओं से मंदिर परिसरों का सुंदरीकरण होगा। पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाएं, मार्गों का सुधार और प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। विश्राम स्थल और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी बनाई जाएंगी। कम चर्चित स्थलों के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। संस्कृति विभाग की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। इनमें किठौर, मेरठ में रामलीला मैदान का विकास और सुंदरीकरण शामिल है। बुलंदशहर के शिकारपुर में शहीद स्मारक का निर्माण भी प्रस्तावित है। मंत्री जयवीर सिंह ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता से कोई समझौता न करने पर जोर दिया।