फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीएसई टॉपर्स ने सीसीएसयू से मुंह मोड़ा, डीयू व अन्य बाहरी संस्थान बन रहे पहली पसंद

Fri, 03 May 2019 01:51 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
दिल्ली विश्वविद्यालय
विज्ञापन
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में यूजी में एडमिशन सीबीएसई टॉपरों केलिए बेहद आसान है, लेकिन उनकी पसंद में यहां के कॉलेज नहीं हैं।
विज्ञापन


सीबीएसई के टॉपर दिल्ली विश्वविद्यालय और आईआईटी के अलावा दूसरे प्राइवेट संस्थानों में दाखिला लेना चाहते हैं। मेरठ जिले की बात करें तो इस बार 9211 छात्र-छात्राएं पास हुए हैं। ऐसे में सीसीएसयू में एडेड कॉलेजों की सीटें तो सब भर जाएंगी, लेकिन सेल्फ फाइनेंस कोर्सों में सीटें खाली रहेंगी।

सीबीएसई 12वीं में गुरुवार को रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र-छात्राओं से बात हुई तो अधिकतर ने कॉलेजों की च्वाइस बाहर ही बताई। किसी का सपना डीयू में दाखिला लेने का है तो किसी को आईआईटी से इंजीनियरिंग करनी है। पांच वर्षीय एलएलबी हो या फिर बीबीए, बीसीए और दूसरे विषय। इन सभी में भी छात्र-छात्राएं बाहर के संस्थानों में ही दाखिला लेने का सपना संजोए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में मेरठ जिले में 13 एडेड-राजकीय कॉलेज में 10 हजार के करीब सीटें हैं। इस बार यूपी बोर्ड में मेरठ में 28084 छात्र-छात्राएं पास हुए हैं। 9211 छात्र-छात्राएं सीबीएसई में पास हुए हैं। ऐसे में इनको जोड़ें तो सबकी संख्या 37295 हो रही है। लेकिन सीबीएसई के अधिकतर छात्र यहां एडमिशन नहीं लेना चाहते हैं। ऐसे में यूपी बोर्ड केछात्र-छात्राओं को इससे फायदा मिलेगा।

ये है सीसीएसयू में सीटों की स्थिति 
सीसीएसयू से संबद्ध मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों की बात करें तो एडेड-राजकीय और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में ग्रेजुएशन कोर्सों में एक लाख 15 हजार से ज्यादा सीटें हैं। बीए में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 22 हजार और सेल्फ फाइनेंस में 44 हजार सीट हैं।

बीकॉम में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 46 सौ और सेल्फ फाइनेंस में 22 हजार सीट हैं। बीएससी में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 9463 और सेल्फ फाइनेंस में 13 हजार सीट हैं। बीएससी एजी में एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में करीब 17 सौ सीटें हैं। 12वीं के बाद पांच वर्षीय बीए-एलएलबी और बीकॉम-एलएलबी में छह हजार से ज्यादा सीटें हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें