दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर आठ दिसंबर से शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए गुरुवार को एनएचएआई और पॉथवे इंडिया कंपनी के अधिकारियों की काशी शुल्क प्लाजा पर तीन घंटे तक बैठक हुई। शुल्क प्लाजा पर सभी उपकरणों को अगले दो-तीन दिन में लगाने पर सहमति बनी। इसके बाद टोल ट्रायल किया जाएगा। अब एनएचएआई डीएमई पर जल्द शुल्क प्लाजा को शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए उसने इंदौर की पॉथवे इंडिया को शुल्क प्लाजा को हस्तांतरित कर दिया है।
एनएचएआई की ओर से जारी सूचना के आधार पर गुरुवार को शुल्क प्लाजा का ट्रायल किया जाना था। लेकिन अभी शुल्क प्लाजा के सभी बूथों पर फास्ट टैग को पढ़ने के लिए आरएफआईडी टैग उपकरण नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा अन्य कई आधुनिक उपकरणों को भी लगाया जाना है। इसके बाद ही पूरी व्यवस्था के साथ 12 लेन शुल्क प्लाजा को शुरू किया जाएगा। हालांकि, कंपनी की ओर से तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। एक दिन के अंदर सभी उपकरण लगा लिए जाएंगे।
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कैमरे आपकी नंबर प्लेट पढ़ेंगे
इस आधुनिक शुल्क प्लाजा पर आपके वाहन की एक-एक जानकारी पढ़ ली जाएगी। शुल्क प्लाजा पर वाहन की आगे और पीछे लगी नंबर प्लेट को हाई रिज्योलूशन कैमरे पढ़ लेंगे। इसके लिए दो अलग-अलग दिशाओं में कैमरे लगाए गए हैं। वहीं, इससे पहले एक कैमरा फास्टटैग पढ़ेगा। अगर वह उसे पढ़ लेगा तभी बैरियर ऊपर होगा। इस चरण में अभी ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर शुल्क प्लाजा की सुविधा नहीं है। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे के निजामुद्दीन से डासना तक ही ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर शुल्क व्यवस्था है। वहीं, सीट बेल्ट और ओवरस्पीड होने पर चालान आपके घर पहुंचेगा।
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अभी चल रहा मरम्मत का कार्य
हालांकि, अभी भी एक्सप्रेसवे पर मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। काशी शुल्क प्लाजा से 50 मीटर की दूरी पर ही सड़क धंसने के कारण मरम्मत की जा रही है। इसे चारों तरफ से बैरिकेडिंग कर कार्य किया जा रहा है। काफी बड़े हिस्से में सड़क धंसने से वाहनों के लिए खतरा हो गया था।