मेरठ। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को मार्च 2020 तक पूरा करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जमीन न मिल पाने के कारण रुकावटें आ गईं थी। उन्होंने आशा जताई कि होेली तक एक्सप्रेसवे पर वाहन फर्राटा भरते नजर आएंगे। जनरल वीके सिंह शताब्दीनगर स्थित माधवकुंज में आरएसएस की क्षेत्रीय समन्वय बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे।
दिल्ली से मेरठ का सफर सुहाना बनाने के लिए 81 किमी का एक्सप्रेसवे तैयार किया जा रहा है। चार चरणों में बनाए जाने वाले इस एक्सप्रेस-वे में दो चरणों का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, दो चरणों का कार्य किया जा रहा है। इसमें सबसे मुख्य चरण डासना से मेरठ 32 किमी के मार्ग में जमीन की अड़चनें आ रही थीं। जिन्हें पिछले दिनों प्रदेश सरकार की तरफ से दूर कर लिया गया है। इस कार्य को अगस्त-2019 तक पूरा किया जाना था। फिर इसका समय बढ़ाकर दिसंबर-2019 किया गया। लेकिन अब मार्च-2020 में पूरा करने का दावा किया जा रहा है। चौथे चरण में डासना, कुशलिया, नाहल, रसूलपुर, सिकरोड गांवों में जमीन का मामला चल रहा था। इन चारों गांवों की जमीन का लगभग 50 करोड़ से अधिक का मुआवजा बांटा जाना था। इस मामले को प्रशासन ने फिलहाल निपटा लिया है।
परतापुर तिराहे पर रफ्तार से कार्य
डासना से मेरठ तक चौथे चरण के मुख्य केंद्र परतापुर तिराहे पर कार्य रफ्तार पकड़ रहा है। दिल्ली-मेरठ हाईवे के बीच में फ्लाईओवर पर गार्डर रखने का कार्य चल रहा है। इस फ्लाईओवर को जोड़ने के लिए 12 गार्डर रखे जाने हैं। शनिवार शाम तक एनएचएआई के इंजीनियरों ने 9 गार्डर रख दिए थे। वहीं, सर्विस रोड पर मिक्सिंग रोड़ी डालने का कार्य भी शुरू कर दिया गया। दो दिन बाद सर्विस रोड को पक्का बनाने का कार्य किया जाएगा। इस सर्विस रोड को अंडरपास से जोड़ा जाएगा। जिससे परतापुर ओवरब्रिज से नीचे उतरने के बाद यू-टर्न की व्यवस्था कर दी जाएगी।