मोहसिन और दिल्ली बम ब्लास्ट।
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मां संजीदा ने रोते हुए बताया कि उसने मोहसिन को दो साल पहले दिल्ली जाने से रोका था। वह बच्चों और बहू को लेकर दिल्ली चला गया। वहां काम करने से भी मना किया था लेकिन उसकी पत्नी सुल्ताना नहीं मानी। वह तब भी जिद पर अड़ी रही थी। उसका सपना बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाकर उन्हें काबिल बनाने का था।
मां ने रोते हुए सवाल किया मेरे बेटे की क्या गलती थी, वह मेहनत करके ई-रिक्शा चलाकर परिवार को पाल रहा था। इंसानियत के दुश्मनों ने सब तबाह कर दिया। सोमवार देर शाम बहू सुल्ताना ने छोटे बेटे नदीम को फोन कर कर बताया था कि भाई का फोन नहीं उठ रहा। यहां बम फटा है, मोहसिन का पता नहीं चल रहा। रात से ही हम उसे तलाश रहे थे। देर रात पुलिस ने मोहसिन के ब्लास्ट में मारे जाने की जानकारी मिली।
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