सरधना के ईकड़ी निवासी दो चचेरे भाइयों की सड़क हादसे में मौत के बाद शव मंगलवार को उनके पैतृक गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। परिवार की महिलाएं विलाप करते हुए बेहोश हो गईं।
ग्रामीणों ने बताया कि नीरज राजमिस्त्री का काम करता था। जबकि जॉनी पिता के साथ मजदूरी करता था। जॉनी की दूसरी शादी छह माह पहले ही हुई थी। पहली शादी के ढाई साल बाद ही उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। तीन साल की उसकी बेटी निक्कू ने छोटी सी उम्र में पहले मां को खो दिया, फिर पिता भी उसे छोड़कर चला गया। मासूम को देखकर सभी को आंखे नम हो गईं।
दो मौतों से टूटा गम का पहाड़
ग्रामीणों ने बताया कि नीरज का बड़ा भाई सोनू सहारनपुर में पीएसी में तैनात है। वहीं, छोटा भाई अरविंद पढ़ाई कर रहा है। उसकी बड़ी बहन मीनाक्षी व छोटी पूनम और सुमन हैं। इस हादसे के चलते मां मुन्नी बेटे को याद कर बेसुध हो गई। उधर, जॉनी की पत्नी रेनू, तीन साल की बेटी नितिया, भाई अंकित और गुरमीत व छोटी बहन सोनम को बिलख रही थीं। परिजनों ने जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।