छात्रा की मौत के बाद भड़के छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर करीब 20 घंटे तक धरना दिया। छात्र बुधवार पूरी रात गेट पर ही डटे रहे। बृहस्पतिवार सुबह करीब 10:30 बजे कुलपति (वीसी) डॉ. दीपा शर्मा और सीओ सदर देहात सुधीर सिंह ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित छात्रों को शांत कराया। इसके बाद छात्र नेताओं व विवि प्रशासन के बीच करीब एक घंटे वार्ता चली, जिसके बाद सुबह 11:30 बजे धरना समाप्त हुआ।
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने भी कैंपस पहुंचकर मामले की विस्तृत जानकारी ली। छात्रों की लिखित मांगों को संज्ञान में लेते हुए विश्वविद्यालय ने जांच और आर्थिक सहायता के लिए दो अलग-अलग कमेटियों का गठन किया है। इसके अलावा छात्रों की मांग पर फीस से जुड़े मुद्दों के निस्तारण के लिए फीस निर्धारण समिति को भी निर्देश दिए गए हैं।
13 सदस्यीय जांच समिति में होंगे शामिल
विवि प्रशासन (7 सदस्य): चीफ प्रॉक्टर डॉ. भूपेंद्र कुमार, निदेशक प्रशासन डॉ. संदीप कुमार, गर्ल्स हॉस्टल निदेशक डॉ. मुक्ता शर्मा, डीन छात्र कल्याण डॉ. नीरज शर्मा, आंतरिक शिकायत समिति प्रमुख डॉ. विनीता शुक्ला, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ प्रमुख डॉ. वत्सला तोमर और सहायक प्रोफेसर डॉ. अक्षय राज।
छात्र प्रतिनिधि (6 सदस्य): आस्था चौधरी, वैष्णवी मलिक, अंशु यादव, सौरभ पठान, दीपांशु भड़ाना और ध्रुव त्यागी।
मुआवजा समिति: मृतका के परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए कुलसचिव प्रो. (डॉ.) वीपी राकेश की अध्यक्षता में एक मुआवजा समिति बनाई गई है, जो सहायता राशि का निर्धारण करेगी।
छात्र नेता की अभद्रता का भी वीडियो वायरल
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मेरठ कॉलेज के छात्र नेता विजित तालियान का एक वीडियो फेसबुक पर वायरल हुआ है, जिसमें वह गर्ल्स हॉस्टल के भीतर विश्वविद्यालय के महिला व पुरुष स्टाफ के साथ अभद्रता और उन्हें धमकाते हुए नजर आ रहे हैं। सीओ सुधीर सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर बुधवार को ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया था और पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है। हालांकि विवि स्टाफ से अभद्रता के मामले में अभी पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है।