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मौलाना शेख मोहम्मद यूनुस का इंतक़ाल, कुरआन की तरह ही हदीस भी थी कंठस्थ

Wed, 12 Jul 2017 08:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
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जनाजे में उमड़ा सैलाब - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जामिया मदरसा मजाहिर उलूम के शेखुल हदीस मौलाना मोहम्मद यूनुस जौनपुरी का मंगलवार की सुबह इंतकाल हो गया। वह 80 वर्ष के थे और काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनके इंतकाल की खबर मिलते ही पूरी दुनिया से इनके शिष्य जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे। जनाजे के समय शहर के रास्ते जाम हो गए। जामिया मजाहिर उलूम के शेखुल हदीस और विश्व के जाने माने बुजुर्ग आमिल मौलाना शेख मोहम्मद यूनुस जौनपुरी की सुबह अचानक तबियत खराब हो गई। मदरसे के लोग उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उन्होंने लगभग साढ़े 9 बजे अंतिम सांस ली। वह लगभग 50 साल से मदरसे में हदीस पढ़ा रहे थे। उन्हें हदीस का हाफिज भी कहा जाता था। उन्हें कुरआन की तरह हदीस भी कंठस्थ थी।       
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मौलाना मोहम्मद यूनुस
मौलाना मोहम्मद यूनुस 15 वर्ष की उम्र में जौनपुर से सहारनपुर मदरसे में पढ़ने के लिए आए थे। पढ़ाई के बाद वह मदरसे में पढ़ाने लगे और यहीं रह गए। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी लोगों को तालीम देने में गुजार दी। उनके शिष्य पूरे हिंदुस्तान सहित पूरी दुनिया में हैं।  शेखुल हदीस मौलाना यूनुस के इंतकाल की खबर मिलते ही लाखों लोग सहारनपुर पहुंचे और उनके जनाजे में शामिल हुए।

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