दूसरे हाथी की निगरानी के लिए बनाईं तीन टीम
कालागढ़ के उपप्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी ने बताया कि संघर्ष में दूसरा हाथी भी घायल हो सकता है। यह एक गंभीर स्थिति है। हाथी की तलाश और निगरानी के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी से एक दो दिनों में दूसरे हाथी की रिपोर्ट देने को कहा गया है। यह इलाका घने कोर जोन के बीच है। यहां वन्यजीवों का विचरण और प्रवास सबसे अधिक है। यहां आम आदमी के आने जाने पर रोक है। यह नो मैंस लैंड है। दूसरा हाथी अन्य हाथियों को भी निशाना बना सकता है या फिर उसकी सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। ऐसे में हाथी का पता लगाया जाना जरूरी है।
आरके तिवारी का कहना है कि वनों में वन्यजीवों में मादा को लेकर अक्सर आपसी संघर्ष के मामले हो जाते हैं। इस संघर्ष का फैसला दूसरे की जान जाने पर ही हो पाता है।
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