बुढ़ाना मोड़ (मुजफ्फरनगर)। क्षेत्र के बरवाला गांव में पिंकी (20) की बीमारी के कारण उपचार के दौरान मौत हो गई। शव घर पहुंचा तो सदमे में आए पिता रामप्रसाद (62) की भी जान चली गई। पिता-पुत्री की एक साथ मौत होने के कारण गांव में गम का माहौल बन गया।
गांव बरवाला निवासी अनुसूचित जाति के रामप्रसाद गांव स्थित ईंट-भट्ठे पर परिवार के साथ मजदूरी करते थे। तीन दिन पहले उनकी बड़ी पुत्री पिंकी की उल्टी-दस्त की वजह से तबीयत खराब हो गई। गांव में ही डॉक्टर से उपचार कराया जा रहा था। मंगलवार देर रात तबीयत खराब होने पर परिवार के लोग पिंकी को स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे।
करीब तीन घंटे उपचार के बाद पिंकी की मौत हो गई। परिवार के ही योगेश ने बताया पिंकी का शव लेकर घर पहुंचे। उसके पिता रामप्रसाद बेटी की मौत की जानकारी मिलते ही गहरे सदमे में चले गए। बुधवार सुबह बेटी की मौत के सदमे में पिता की भी जान चली गई।
- ऐसा है राम प्रसाद का परिवार
बरवाला निवासी रामप्रसाद के परिवार में पत्नी कौशल, बेटा मिथुन, बेटी पिंकी और नैना हैं। सात महीने पूर्व बड़े बेटे प्रवीण की भी बीमारी के कारण मौत हो गई थी। बेटी नैना और पुत्र मिथुन गांव से बाहर रहकर कार्य करते हैं। गांव में रामप्रसाद की बड़ी बेटी पिंकी और उनकी पत्नी भट्ठे पर रहकर मजदूरी करते थे।
- पिता-पुत्री की चिता जली तो हर आंख में आंसू
पिता-पुत्री की मौत के कारण गांव बरवाला में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण शोक जताने पहुंचे। गांव स्थित श्मशान घाट पर दोनों की अंत्येष्टि एक साथ की गई। जिला पंचायत सदस्य सत्येंद्र बालियान समेत अन्य ग्रामीणों ने परिवार का दुख साझा किया।
मृतक पिंकी