पंचायत के बाद पिता आफताब अंसारी और पंचायत के लोगों ने ससुराल पक्ष से 21 लाख रुपये हड़प लिए। इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज है। उन्होंने तीन तलाक के फर्जी कागजात भी तैयार करा लिए। कागजातों में दिखाया गया कि तीन अलग-अलग तारीखों में उसने तलाक दिया। जबकि यह गलत था।
आयशा का कहना है कि 21 लाख रुपये हड़पने के बाद पिता अफताब और मां नाजिमा की नीयत बदल गई। उन्होंने उसे घर से निकाल दिया। पुलिस तक मामला पहुंचा तो 8 सितंबर को माता-पिता नौचंदी थाने से उसे ले गए। 10 सितंबर को उसका फिर विवाद हुआ तो उसने पति सरफराज के साथ ससुराल जाने की बात कही। इस पर मां और पिता ने उसे पीटा और जान से मारने की नीयत से हमला किया।
आयशा का कहना है कि वह अपने बच्चों से मिलने के लिए दर-दर भटक रही है। इंस्पेक्टर नौचंदी तपेश्वर सागर ने बताया कि आयशा की शिकायत पर पिता और मां को नामजद कर मुकदमा किया है। जबकि अज्ञात में वह लोग शामिल हैं, जिन्होंने पंचायत की आड़ में तीन तलाक का फरमान सुनाया।