डेंगू को लेकर हाईकोर्ट सख्त हुआ तो अब सरकार एक्शन के मूड में है। आगामी सप्ताह में कई चिकित्सकों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है। इसमें पूर्व सीएमओ समेत मेरठ के कई चिकित्सा अधिकारी हैं। इससे हड़कंप की स्थिति है।
गौरतलब है कि डेंगू में जान गवाने वाले मरीजों को फर्जी आंकड़े पेश करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने सरकार से यहां तक पूछ लिया था कि क्यों ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया जाए। अब प्रदेश सरकार डेंगू को महामारी घोषित करने की तैयारी में है। इसके साथ ही सरकार ने बजट खर्च न करने व घोर लापरवाही बरतने वाले प्रदेश के 50 अधिकारियों को चिह्नित करने की बात कही है। बताया जा रहा है कि जिन अधिकारियों की लिस्ट बनाई गई है उसमें विभिन्न जिलों में तैनात रह चुके 20 पूर्व सीएमओ भी शामिल हैं। ऐसे में हलचल मचनी लाजमी है। वहीं लिस्ट में कई जिला मलेरिया अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। अब इन सभी पर सोमवार तक कार्रवाई या फिर आने वाले हफ्ते में कार्रवाई होने की संभावना है। पांच साल में खर्च नहीं किया पूरा बजट
पिछले पांच साल के दौरान किसी भी वित्तीय वर्ष में जिला मलेरिया विभाग को दिया गया बजट पूरा खर्च नहीं किया गया। उल्टे सीएमओ व अन्य चिकित्सा अधिकारी फॉगिंग और अन्य मशीनों की खरीद पर भी कुंडली मारे बैठे रहे। मेरठ में भी करीब 10 लाख से अधिक की रकम जिला मलेरिया विभाग के खाते में है, लेकिन उसे डेंगू की रोकथाम के लिए खर्च नहीं किया गया।