मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कमान संभालते ही अवैध बूचड़खानों व भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया था। इससे पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। सीएम योगी के फैसले से नाराज लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन पुलिस ने किसी की एक नहीं सुनी। पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के सभी अवैध बूचड़खाने बंद करा दिए। जब खुलकर विरोध नहीं कर सके तो कुछ असमाजिक तत्वों ने धार्मिक स्थल के बाहर पशुओं के अवशेष फेंकने शुरू कर दिए। इससे कई शहरों में तनाव भी हुआ।
दंगा कराने के लिए रची जा रही खतरनाक साजिश ?
सहारनपुर में शोभा यात्रा को लेकर बवाल
इस तरह की हरकतों से शहर में सांप्रदायिक तनाव तो पैदा हो ही रहा है और किसी तरह योगी सरकार पर सवाल उठाने की कोशिश भी हो रही है। सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर से ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला शामली के कांधला से आया है, जहां शरारती तत्वों ने पशु कटान के बाद अवशेष जैन समाज के धार्मिक स्थल में फेंक दिए। इससे जैन समाज में रोष व्याप्त हो गया। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जैन समाज के लोगों को समझाबुझाकर शांत किया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। सहारनपुर में अंबेडकर शोभायात्रा के दौरान भी बवाल दो समुदाय के बीच होने से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी
धार्मिक स्थल पर फेंके पशु के अवशेष
वहीं कुछ दिनों पहले सरधना के नगर के मोहल्ला खेवान स्थित नाले में बोरे में गोवंश के अवशेष मिलने पर बखेड़ा हो गया था। हिंदू संगठनों के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जाम लगाया था। इस मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर चार नामजद तथा 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। साथ ही एक युवक को हिरासत में भी लिया था। इसके अलावा बागपत में भी धार्मिक स्थल पर गोमांश मिलने से हड़कंप मच गया था और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया था। वहीं मुजफ्फरनगर से एक ऐसा मामला सामने आया था, जहां कुछ तत्वों ने धार्मिक स्थल पर पशु के अवशेष फेंक कर विवाद पैदा करने की कोशिश की थी। हालांकि पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए मामले तो शांत कराया था। लेकिन मुजफ्फरनगर में जल्द पुलिस ने इस तरह की हरकतों पर रोक नहीं लगाई तो किसी बड़ी घटना की साजिश से इंकार नहीं किया जा सकता है।