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दलित आंदोलन से निगम की राजनीति में भी भूचाल 

Wed, 04 Apr 2018 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दलित आंदोलन  का असर नगर निगम की राजनीति पर भी साफ दिखाई दे रहा है। योगेश वर्मा की गिरफ्तारी के बाद अब भाजपाइयों के चेहरे खिल गये हैं तो महानगर में सुनीता की सरकार प्रभावित होती दिख रही है। कारण ये है कि योगेश वर्मा महापौर के पति होने के साथ साथ मुख्य सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे। महापौर पति के जेल जाने के बाद महापौर के साथ तीन-चार पार्षद ही खड़े दिख रहे हैं। बसपा पार्षदों पर भी पुलिस की कार्रवाई का भय दिखाई दे रहा है। 
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महापौर सुनीता वर्मा को कुर्सी संभाले अभी 77 दिन ही हुए हैं। महापौर सुनीता वर्मा ने 12 दिसंबर 2017 को शपथ ली थी। अब तक महापौर की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी और बोर्ड की बैठकों की स्थिति पर गौर करें तो सभी में विवाद ही रहा है। उधर महापौर और निगम के अधिकारियों में भी आपसी खींचतान चल रही है। एक तरफ पति योगेश वर्मा का जेल जाना और दूसरी तरफ महापौर और निगम अधिकारियों के बीच सामंजस्य स्थापित न होना यह संकेत देता है कि फिलहाल कुछ समय के लिए महापौर को निगम चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। भाजपा के पार्षदों ने भी महापौर को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। महापौर को फूंक फूंक कर कदम रखने होंगे।  

शहर का विकास और नौचंदी मेला होगा प्रभावित 
महापौर पति के खिलाफ हुई कार्रवाई का असर शहर के विकास पर पड़ता दिख रहा है। महापौर का पूरा ध्यान पूर्व विधायक योगेश वर्मा के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई की पैरवी पर लगना तय है। वहीं अब पूरी व्यवस्था निगम के भाजपा पार्षद और अधिकारियों के हवाले मानी जा रही है। मेला नौचंदी पश्चिम उप्र का ऐतिहासिक मेला है। जिसका उद्घाटन हुए 20 दिन से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन मेला लगना शुरू नहीं हुआ है। अभी तक नौचंदी मेले के पटेल मंडप में होने वाले सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रमों की सूची भी तैयार नहीं हो पायी है। बता दें कि मेला समिति की अध्यक्ष महापौर हैं। इस समय महापौर समस्याओं से घिर गयी हैं।  
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निगम में अब भाजपाई बना सकते हैं दबदबा 
नगर निगम में भाजपा और बसपा के पार्षदों की संख्या में भले ही काफी अंतर हो, लेकिन योगेश वर्मा की गिरफ्तारी के बाद से भाजपा पार्षदों के हौसले बुलंद दिख रहे हैं। भाजपा के पार्षद विपिन जिंदल का कहना है कि हमारा मुख्य उददेश्य शहर का विकास है। भाजपा के निगम में 36 निर्वाचित पार्षद हैं। शीघ्र ही सरकार से मनोनीत पार्षद भी पहुंचने वाले हैं। जिससे सदन में भाजपा पार्षदों की संख्या लगभग 46 पहुंच जाएगी। हालांकि महापौर के साथ बसपा के 28, सपा के चार, कांग्रेस के दो, रालोद का एक, निर्दलीय पार्षद 18, एआईएमआईएम के एक पार्षद हैं। कुल मिलाकर अभी भी सदन में महापौर का ही पलड़ा भारी है। इसके बाद भी भाजपाई सदन में अपना दबदबा बनाने की बात कर रहे हैं। 

- चार माह में हमने निगम को पूरी तरह जान लिया है। भली प्रकार निगम को चलाया जाएगा। शहर की जनता ने हमें चुनकर भेजा है। उनके विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास किया जाएगा। संकट आते रहते हैं इनका मुकाबला करना ही जीवन है। नौचंदी मेले को प्रभावित करने में निगम अधिकारियों की कार्य प्रणाली सभी के सामने है। हमारे पति को 
षड़यंत्र के तहत जेल भेजा है। 
- सुनीता वर्मा, महापौर।

 - नौचंदी मेले की एतिहासिकता को बनाए रखा जाएगा। तेजी से कार्य चल रहा है। दुकानदार पहुंचने शुरू हो गए हैं। एक सप्ताह में मेला शबाब पर होगा। 
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मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।   
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