गौरीपुर गांव में हत्या की सूचना शुक्रवार सुबह मिली। आकाश के चाचा संजीव और मां प्रमिला का कहना था कि अगर आकाश घर से नाराज होकर भभीसा गया था तो बबलू को उसके परिजनों को सूचित करना चाहिए था। उन्हें एक सप्ताह तक कोई सूचना नहीं दी गई जबकि भभीसा के अशोक का कहना था कि बृहस्पतिवार रात ट्रैक्टर पर आकाश को उनके घर छोड़ने के लिए ही आ रहे थे। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में काफी देर तक हंगामा हुआ।
आकाश को खींचकर ले गई मौत
आकाश के पिता की मौत हो चुकी है। इसके बाद उसकी मां के साथ कहासुनी हुई। वह घर से निकला तो शामली के भभीसा पहुंच गया। भभीसा के अशोक का कहना है कि बृहस्पतिवार को ट्रैक्टर पर उसे गौरीपुर तक छोड़ने का प्लान बनाया गया था। लेकिन वह जाने को तैयार नहीं हुआ। किसी तरह भेज दिया। वक्त ऐसा खराब निकला कि ट्रैक्टर कासिमपुर खेड़ी में खराब हो गया। इस कारण अशोक के बेटे बबलू ने अपने दो साथियों को जैक लेकर मौके पर बुलाया। इन्हीं दोनों के साथ उसने आकाश को वापस भभीसा के लिए भेज दिया। असारा के जंगल में आकाश की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कुछ ग्रामीण कहते रहे कि यदि आकाश मां से नाराज न होकर जाता तो शायद जिंदगी बच जाती।
किशोर की हत्या में कई अनसुलझे सवाल
किशोर आकाश की हत्या में कई सवाल भी अनसुलझे हैं। बबलू ने ट्रैक्टर पर लिफ्ट दी और वह आकाश को अपने घर ले गया। एक सप्ताह तक रखा, लेकिन एक बार भी न पुलिस को और न ही उसके परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने सवाल उठाया है कि बाइक पर आकाश बीच में बैठा हुआ था, फिर गोली सीधे उसके सिर में ही कैसे लग गई। थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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