प्रशासन भले ही रियायती दरों पर अरहर की दाल बेचने के लिए आउटलेट्स खोलने के दावे कर रहा हो। लेकिन लगता नहीं कि राशन डीलर दाल गलने देंगे। मंगलवार को फिर व्यवस्था गड़बड़ा गई। शहर में सरकारी सस्ते गल्ले की 20 दुकानों पर अरहर की दाल सस्ते दामों पर मिलनी थी, लेकिन हुआ इसके उलट।
10 राशन डीलरों ने जहां दुकान ही नहीं खोली तो पांच डीलर मंगलवार दोपहर बाद दाल खरीदने मंडी पहुंचे। जनता दाल खरीदने के लिए भटकती रही और अधिकांश दुकानों पर ताले लटके रहे। अमर उजाला ने इन रिटेल आउटलेट्स का दौरा किया तो यह स्थिति सामने आई। हालांकि नवीन मंडी में स्थिति बेहतर रही।
पुलिस लाइन : 10:30 बजे
यहां सीसीएस दुकान पर तीन-चार ग्राहक खड़े मिले। दुकानदार ने बताया कि यहां अरहर की दाल 130 रुपये किलो में उपलब्ध है। सोमवार को नवीन मंडी से खरीदी गई दाल को ही सस्ती दरों पर बेचा जा रहा है।
स्टेडियम : 11 बजे
जसवंत राय अस्पताल के बराबर वाली गली में स्थित शिवकुमार की सस्ते गल्ले की दुकान पर दाल खरीदने के लिए लोग खड़े मिले, लेकिन यहां ताला लटका मिला। वैसे दुकान पर लगे बोर्ड पर दुकान खुलने का समय गर्मियों में सुबह 7:30 बजे और सर्दियों में सुबह 8 बजे लिखा था। पड़ोसी डीके जैन ने बताया कि दुकान कब खुलती है, पता ही नहीं चलता।
सुभाष नगर : 11:30 बजे
यहां सस्ते गल्ले की दुकान का ताला खुला तो मिला, लेकिन दुकान पर बाट तराजू के बजाए वाहन ठीक करने के औजार रखे मिले। साइड में दो युवक केरोसिन पलटी कर रहे थे। दुकानदार योगेश से अरहर की दाल के बारे में पूछा तो जवाब मिला कि कोई दाल खरीदने आएगा तो दे देंगे।
रामनगर, कंकरखेड़ा : दोपहर 12:40 बजे
यहां भगवान सिंह की सस्ता गल्ले की दुकान पर दाल और दुकानदार दोनों मिले, लेकिन खरीददार नहीं। दुकानदार की मानें तो सुबह से छह लोग 1-1 किलो दाल खरीद चुके हैं।
न सूचना, न रेट
प्रशासन के दबाव में सस्ता गल्ला विक्रेता भले ही मंडी से अरहर की दाल खरीदकर ले जा रहे हों, लेकिन जनता तक सस्ती दाल पहुंचाने में दुकानदारों की कोई दिलचस्पी नहीं दिख रही। किसी भी दुकान पर अरहर की दाल संबंधी कोई जानकारी या रेट लिखे नहीं मिले।
कालाबाजारी की चर्चाएं शुरू
अभी तो आउटलेट्स पर दाल ढंग से बिकनी भी शुरू भी नहीं हुई कि कालाबाजारी की चर्चाएं शुरू हो गईं। नवीन गल्ला मंडी से अरहर की दाल सरकारी सस्ते गल्ले वालों को 126 रुपये प्रति किलो मिल रही है। जबकि ये इसे 130 रुपये बेच रहे हैं। सोमवार और मंगलवार मिलाकर कुल 800 किलो दाल मंडी से 17 दुकानदार खरीद चुके हैं। बाकी तीन दुकानदारों का पता नहीं कहां हैं। मंगलवार दोपहर को पांच दुकानों पर ताला लटका मिला।
पता चला कि वे दाल खरीदने गए हैं। यानी आज का दिन भी गया। कल भी दाल मिलेगी या नहीं, इसकी गारंटी भी नहीं। कुल मिलाकर अरहर की दाल राशन की दुकानों के बजाए परचून की दुकान पर बेचकर मुनाफा कमाने के आरोप लगने शुरू हो गए हैं।
मंडी में बिकी 60 हजार की दालें
नवीन गल्ला मंडी व्यापार मंडल की ओर से मंडी समिति परिसर स्थित किसान सेवा केंद्र पर मंगलवार को 60 हजार रुपये की दालें बेची गईं। अध्यक्ष मनोज गुप्ता का कहना है कि केंद्र पर दो दिन बाद मूंग, राजमा आदि भी सस्ती दरों पर उपलब्ध होगा।
सरकारी सस्ते गल्ले के चयनित आउटलेट्स समय से नहीं खुल रहे हैं तो बुधवार से जांच होगी। शासन-प्रशासन का आदेश न मानने वाले दुकानदारों का लाइसेंस निरस्त होगा। - डीएन श्रीवास्तव, जिलापूर्ति अधिकारी