ज्यादा डग्गामार बसें चल तो दिल्ली रोड पर रही हैं, लेकिन परिवहन विभाग अधिकारी यहां की बजाय गढ़ रोड पर चेकिंग ज्यादा करते नजर आते हैं। बुधवार को भी दिल्ली रोड पर एक डग्गामार को पकड़कर अभियान की इतिश्री कर ली। दूसरी बस गढ़ रोड पर जाकर पकड़कर सीज की। इसके बाद देर शाम तक डग्गामार बसें फर्राटा भरकर रोडवेज के राजस्व को लूटती रही।
प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के डग्गामार बसों के बंद होने के दावे की पोल मेरठ से दिल्ली और गढ़मुक्तेश्वर रोड पर खुलती देख सकते हैं। दिल्ली रोड पर 30 से ज्यादा और गढ़ रोड पर 25 से ज्यादा डग्गामार बसों के अलावा सैकड़ों की संख्या में अन्य डग्गामार छोटे वाहन सरकारी बसों के समानांतर दौड़कर राजस्व को लूट रहे हैं। ये डग्गामार बसें पुलिस के सामने से गुजरकर सवारी उठाती है और चढ़ाती है। लेकिन इन्हें पकड़ने की हिम्मत न तो आरटीओ प्रवर्तन दल की हो रही है और न ही पुलिस की। नेताओं के संरक्षण में चल रहा डग्गामार बसों का खेल कम होने की बजाय और ज्यादा बढ़ता जा रहा है। मोदीनगर का डग्गामार सिंडीकेट खुलेआम अपनी बसों को मेरठ से गाजियाबाद और कौशांबी तक बिना किसी डर के दौड़ा रहा है। मीडिया में खबर छपने के बाद प्रवर्तन अधिकारी एक दो बसों को पकड़कर कार्रवाई की इतिश्री कर लेते हैं। बुधवार को एआरटीओ दिनेश कुमार ने एक बस दिल्ली रोड से और एक बस गढ़ रोड से पकड़कर सीज की। दिनेश कुमार ने बताया कि दिल्ली रोड पर कार्रवाई की सूचना मिलते ही बसों का संचालन बंद हो गया। डग्गामार व्हाट्सअप का इस्तेमाल कर प्रवर्तन दल की जानकारी आपस में शेयर कर लेते हैं। दल के जाने के बाद फिर से संचालन हो जाता है। इनके खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।