गैस सिलिंडर की किल्लत बढ़ गई है। गंगानगर क्षेत्र की एचपी और रजपुरा सड़क स्थित बुद्धपूर्णा एजेंसी बंद मिली। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, एजेंसियों पर सिलिंडर न होने की वजह से लोग घंटों इंतजार के बाद लौट रहे हैं। जबकि, दुकानों पर धड़ल्ले से कालाबाजारी हो रही है। 1500 से लेकर 2000 तक में सिलिंडर मिलने की बात कही जा रही है। उधर, मोदीपुरम समेत कई इलाकों में एजेंसियों पर लंबी कतारें लगी रहीं।
गैस की पर्याप्त उपलब्धता के जिला प्रशासन के दावे के बावजूद सिलिंडर के लिए मारामारी मची है। शनिवार को रजपुरा सड़क स्थित बुद्धपूर्णा इंडेन गैस एजेंसी सुबह से लोग लाइन में जाकर लगे। उनसे दोपहर में गाड़ी आने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। जब दोपहर में लोग पहुंचे तो सभी कर्मचारी ताला लगाकर फरार मिले। जेजी कॉलोनी निवासी विकास, अभय ने बताया सिलिंडर से भरी गाड़ी को हॉकर योगेश ने एक कॉलोनी में छिपाकर खड़ी कर दी। इस पर लोगों ने कड़ा विरोध जताया। वहीं, सभी एजेंसी कर्मियों के मोबाइल नंबर भी बंद मिले। ऐसा ही हाल नवकार वाटिका के पास एचपी गैस एजेंसी पर देखने को मिला। इस एजेंसी पर चार दिनों से ताला लटक रहा है। एजेंसी से संबंधित सभी नंबर बंद हैं। इसके चलते लोग परेशान हैं। राकेश कश्यप ने आरोप लगाया कि एजेंसी संचालक खुद 1500 से 2000 रुपये तक में सिलिंडर बेच रहे हैं। उधर, डिवाइडर रोड स्थित भारत कंपनी की करन गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं को बिना लाइन में लगे सिलिंडर उपलब्ध कराए गए। कर्मचारी नितिन ने बताया कि बुकिंग के बाद सिलिंडर की डिलीवरी की जा रही है।
बोले लोग -
चार दिनों से सिलिंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रहा हूं। एजेंसी पर ताला लटक रहा है। एजेंसी संचालक जान-पहचान वालों को ही सिलिंडर दे रहे हैं। - मनीष कुमार
तीन दिन पहले इंडेन का सिलिंडर खत्म हो गया। एजेंसी से नहीं मिला, ब्लैक में 1500 रुपये में सिलिंडर खरीदना पड़ा। - राकेश कश्यप
हॉकर होम डिलीवरी नहीं कर रहे हैं। हम व्यापारी हैं वहां जाकर लाइन में खड़े रहेंगे तो हमारा खुद का व्यापार प्रभावित होता है। - दीपक चौहान।
इनसेट
छोटे दुकानदारों की आजीविका पर असर, 10 दिन बाद भी सिलिंडर नहीं
मोदीपुरम। रसोई गैस की किल्लत के कारण लोगों को जबरदस्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई दिनों तक एजेंसी के चक्कर लगाने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है।
पल्लवपुरम निवासी अजय बताते हैं कि वह पिछले 10 दिनों से गैस सिलिंडर के लिए लगातार एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक नहीं मिला है। घर में गैस पूरी तरह खत्म हो चुकी है। एजेंसी कर्मचारी भी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। इसी तरह विजेंद्र ने अपनी पीड़ा बयां की। वह बताते हैं कि करीब तीन घंटे तक लाइन में खड़े रहने के बाद एजेंसी कर्मचारियों ने बताया कि लंच के बाद वितरण शुरू हो जाएगा, लेकिन इसके बाद भी शटर नहीं खुला। इससे लाइन में लगे उपभोक्ता शोर-शराबा मचाते रहे। पल्लवपुरम के ही अर्जुन की फास्ट फूड की दुकान है। उनका कहना है कि गैस सिलिंडर न मिलने के कारण पिछले तीन दिनों से दुकान बंद पड़ी है। दुकान बंद होने से रोज़ी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।