पहलवान दिव्या काकरान का स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
महिला पहलवान दिव्या ने कहा कि वह गांव में इतना सम्मान पाकर बहुत खुश हूं। उसने कहा कि उसकी कामयाबी में उसके दादा राजेंद्र का विशेष योगदान है। दादा जी प्रारंभ से ही उसे कुश्ती के प्रति प्रोत्साहित करते रहे हैं। पिता सूरजवीर ने तंगी के हालात में भी उसे प्रेरित कर इस मुकाम तक पहुंचाया। दिव्या ने बताया कि जुलाई महीने में नई दिल्ली में होने वाली जूनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर रही है, उसका अगला टारगेट एशियन चैंपियनशिप जीतना है।
बच्चियों का शोषण करने वालों को फांसी हो
महिला पहलवान दिव्या ने बातचीत के दौरान कहा कि लड़कियों का शारीरिक शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। पहलवान दिव्या ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष तक की बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को फांसी की सजा किए जाने वाले प्रावधान का समर्थन किया है।
लड़क़ा व लड़क़ी में भेदभाव न करें
महिला खिलाड़ी दिव्या ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शराब तथा अन्य नशाखोरी छोडक़र बच्चों को शिक्षित करें। लड़के लड़की में भेदभाव बिल्कुल न करें। यदि लड़कियों को अवसर दिया जाए तो लड़कियां भी बुलंदियों को छू सकती हैं। मैं आपकी बेटी उसका एक उदाहरण हूं।
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