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Meerut News: निगम से फिर कटआउट चोरी, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र कार्यालय में हंगामा

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मेरठ। नगर निगम के जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र कार्यालय में सोमवार को फिर से कटआउट चोरी कर लिए। यहां बिजली गुल हो गई और अंधेरा होने के कारण लोगों ने रोष जताया। उन्होंने निगम के कर्मचारियों को बंधक बनाकर हंगामा किया। कर्मचारियों ने शोर मचाया तो निगम के अधिकारियों ने पहुंचकर उन्हें बंधन मुक्त कराया। लोगों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी यहां जानबूझकर बिजली गायब करते हैं, ताकि वे मनमानी कर सकें।
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कर्मचारियों ने बताया कि बिजली का कटआउट चोरी होेने के कारण यह स्थिति हुई। बाद में महापौर हरिकांत अहलूवालिया भी पहुंचे। उन्होंने निगम की सुरक्षा पर सवाल उठाकर अधिकारियों को फटकार लगाई। देर शाम देहलीगेट थाने में कटआउट चोरी की तहरीर दी गई। दस दिन में यहां दो बार कटआउट चोरी हो चुका है।
इससे पहले इस कार्यालय के कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के आरोप लगाकर भी लोग हंगामा कर चुके हैं। सोमवार सुबह 10 बजे कुछ लोग पहुंचे तो कार्यालय में अंधेरा था और कर्मचारी मोबाइल चला रहे थे। यह हाल देखकर लोग भड़क गए। उन्होंने कर्मचारियों को कार्यालय में ही बंधक बना लिया। जानकारी मिलने पर अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को बंधनमुक्त कर मामला शांत कराया। इसके साथ ही नया कटआउट लगाकर बिजली आपूर्ति शुरू कराई गई।
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तीन होमगार्ड, छह सुरक्षा गार्ड...फिर कैसे हुई चोरी
यहां सुरक्षा व्यवस्था में तीन होमगार्ड और छह सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी निगम परिसर में 24 घंटे रहती है। इसके बावजूद कटआउट चोरी हो गए। महापौर ने मुख्य लेखाधिकारी एवं वित्त जितेंद्र प्रताप सिंह, अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह सहित सभी अधिकारियों को अपने कार्यालय में बुलाया। उन्होंने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने में आ रही समस्याओं के बारे में भी पूछा। आशंका जताई कि यह कटआउट चोरी की नहीं, बल्कि निगम को बदनाम करने की साजिश है। किसी कर्मचारी ने ही ऐसा किया है। करीब दो घंटे तक महापौर ने अधिकारी और गार्ड से बातचीत की। इस दौरान पार्षद संजय सैनी, पवन चौधरी, उत्तम सैनी, रामपाल यादव, अंशुल गुप्ता, अरुण मचल, दीपक वर्मा, प्रशांत कसाना, भूपेंद्र पाल और कुलदीप उर्फ कीर्ति घोपला सहित अन्य पार्षद भी मौजूद थे। उन्होंने यहां के हालात पर रोष जताया।


महापौर के सामने पार्षदों ने भी जताया गुस्सा
पार्षदों ने महापौर के सामने गुस्सा जताया। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में एक व्यक्ति टेबल पर पैर रखकर आराम फरमाते हुए फोटो वायरल हो गया। इस पर पार्षदों ने नाराजगी जताई। पार्षदों ने कहा कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हो रहे है, जिसको लेकर मारामारी हो रही है। सेना के जवान से मारपीट का मामला भी अभी ठंडा नहीं हुआ। ऐसे हालत में उक्त व्यक्ति कार्यालय में कैसे लेटे है, इस पर पार्षदों ने हंगामा किया है। महापौर ने अपर नगर आयुक्त से जांच करने की बात कही। कार्यालय में अनावश्यक कोई न बैठे, जिससे निगम की छवि धूमिल होती है।


अलग-अलग बनाए काउंटर, जल्द सुधरेगी व्यवस्था
अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार ने बताया कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र कार्यालय सीसीटीवी कैमरे से लैस होगा। स्क्रीन बाहर लगेगी, ताकि कार्य कर रहे कर्मचारी को पब्लिक भी देख सके। महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए हैं। पार्षदों के लिए अलग से काउंटर बनाया जा रहा है। करीब 800 फार्म पुराने हैं, जिसका तीन-चार दिन में निस्तारण कर देंगे। एक वर्ष से अधिक वाले जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने की व्यवस्था अलग होगी और एक साल से पहले वाले जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था अलग होगी। शास्त्रीनगर और कंकरखेड़ा जोन से भी जल्द प्रमाणपत्र जारी होने लगेंगे। उम्मीद है कि एक सप्ताह में व्यवस्था दुरुस्त कर लेंगे। जो कर्मचारी लापरवाही करते है, उनको तुरंत हटाया जाएगा।


वर्जन
कटआउट चोरी के बाद जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र कार्यालय में अंधेरा हो गया था। गुस्साए लोगों ने कर्मचारियों को बंधक बना लिया था। जानकारी लगते ही मैं तुरंत मौके पर पहुंचा। नगर निगम को बदनाम करने की साजिश चल रही है। जल्द व्यवस्था सुधारने की बात अधिकारियों ने कही है। - हरिकांत अहलूवालिया, महापौर
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