सरूरपुर। गांव कैथवाड़ी में ममेरे भाई द्वारा दो मासूम बच्चों को दी गई यातना का वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने अपनी ओर से मुकदमा कायम कर आरोपी को रविवार को जेल भेज दिया। वहीं, भाकियू के लोक शक्ति गुट ने थाने में पहुंचकर दोनों मासूम बच्चों को न्याय दिलाने को लेकर हंगामा किया।
गौरतलब है कि गांव जड़ौदा पांडा जिला मुजफ्फरनगर निवासी प्रमोद के दस एवं 12 वर्षीय दो पुत्र माता-पिता की मौत के बाद अपने मामा आरेन्द्र त्यागी निवासी कैथवाड़ी के यहां पर रहे थे। ममेरा भाई अनिल रोजाना दोनों को खेत में काम कराने के लिए ले जाता था। इनकार करने पर उनकी पिटाई करता था। बताया कि दो दिन पहले बच्चों ने खेत में काम करने के लिए इनकार कर दिया। जिस पर अनिल ने दोनों बच्चों को यातना दी। एक को हाथ-पैर बांधकर छत पर कुंदे से लटका दिया। वहां मौजूद एक युवक ने वीडियो बनाकर वायरल कर दी। उसने डीजीपी के ट्वीटर अकाउंट पर वीडियो अपलोड कर दिया। इससे पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस पर पुलिस अनिल एवं दोनों बच्चों को थाने ले आई। सिपाही अख्तर की तहरीर पर अनिल के खिलाफ मुकदमा कायम किया तथा दोनों बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद अनिल को रविवार को जेल भेज दिया। भाकियू के लोक शक्ति गुट के कार्यकर्ता थाने और हंगामा किया। थाना प्रभारी धनवीर सिंह यादव ने उन्हें बताया कि आरोपी अनिल को जेल भेजा जा रहा है। बच्चों को उनकी विवाहित बहन अंजू व बहनोई विपिन निवासी भसैनी की सुपुर्दगी में दिया जा रहा है। इसके बाद दोनों बच्चे अपनी बहन के साथ उसकी ससुराल में चले गए। यहां भाकियू जिलाध्यक्ष डॉ. संदीप मलिक, मीनाक्षी, किरनपाल, विवेक चौहान, संगीता, रविन्द्र राहुल, विनोद, पिंटू त्यागी, सचिन आदि थे।