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Meerut: पहाड़ों पर बारिश से गंगा उफान पर, हस्तिनापुर खादर क्षेत्र जलस्तर बढ़ने से फसलें जलमग्न

Mon, 29 Jul 2024 01:57 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ\हस्तिनापुर

सार

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इससे गंगा भी उफान पर है। मेरठ से सटे हस्तिनापुर में खादर क्षेत्र में फसलें जलमग्न हो गई हैं। इससे किसान परेशान हैं।
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फसलें जलमग्न - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हस्तिनापुर में पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण पिछले तीन दिनों से गंगा नदी उफान पर चल रही है। देर रात खादर क्षेत्र में कई स्थानों से गंगा का पानी बाहर निकलकर किसानों की हजारों हेक्टेयर फसलों  तक पहुंच गया। वहीं, हस्तिनापुर- चांदपुर संपर्क मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। 

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पिछले तीन दिनों से गंगा नदी उफान पर है। शुक्रवार को हरिद्वार से गंगा का जलस्तर दो लाख क्यूसेक पर पहुंच गया था। जो बिजनौर बैराज से होते हुए शनिवार देर रात तक खादर क्षेत्र में पहुंचा। गंगा में करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी कई घंटे तक लगातार चलता रहा, जिस कारण खादर क्षेत्र में कई स्थानों पर तटबंध की हालत नाजुक हो गई। 

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तटबंध टूटे, सैकड़ों बीघा फसलें हुई नष्ट
शनिवार देर रात गंगा किनारे बसे सिरजेपुर गांव से भीमकुंड गंगा पुल की ओर से कई स्थानों पर गंगा से पानी बाहर निकल आया। कार सेवक बाबा बूटा सिंह ने बताया कि गंगा से पानी बाहर निकलने का सिलसिला रविवार दोपहर तक भी चल रहा था।  

यह पानी भीमकुंड, किशनपुर, लतीफपुर आदि गांव के जंगल में पहुंच गया है। इससे करीब दो हजार हेक्टेयर धान, गन्ना और चारे की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। कुछ खेतों में तो धान की फसल पककर तैयार थी। इस कारण खादर क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है।

अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि बिजनौर बैराज से 1.28 लाख क्यूसेक पानी चल रहा है। भीमकुंड निवासी किसान बृजपाल सिंह ने बताया कि पहले ही खेतों में बारिश का पानी भरा हुआ था। अब गंगा का पानी पहुंचने से किसानों को काफी नुकसान होने की संभावना है।
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