तारापुर तालाब में मगरमच्छ पकड़ती वन विभाग की टीम स्रोत संवाद
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हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव तारापुर में गांव के समीप मौजूद तालाब में कई दिनों से मगरमच्छ देखे जाने से ग्रामीण दहशत में थे। इस मामले में कुछ किसानों ने वन विभाग के अधिकारियों को मामले की सूचना दी।
‘तालाब किनारे मगरमच्छ होने से ग्रामीणों में फैली दहशत’ शीर्षक से शनिवार के अंक में अमर उजाला में समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को तालाब से रेस्क्यू कर गंगा में छोड़ा गया। तारापुर निवासी किसान हरेंद्र ने शिकायत करते हुए बताया था कि गांव के पास एक तालाब स्थित है जहां पर उसका खेत मौजूद है। उसमें अपने खेत पर लाखों रुपए खर्च कर मछली पालन का कार्य किया है। जहां पर उसका तालाब बना हुआ है। वहीं पास ही में मौजूद गांव का बड़ा तालाब है जिसमें गांव का पानी एकत्रित होता है। पिछले कई दिनों से गांव के तालाब से एक मगरमच्छ निकलकर उसके मछली पालन के तालाब में घुस गया और वह लगातार मछलियों को नुकसान पहुंचा रहा है। तालाब के किनारे पर मगरमच्छ के बाहर आने पर वहां से निकलने वाले ग्रामीण भी पूरी तरह दहशत में थे। समचार प्रकाशित होने के बाद शनिवार को ही वन विभाग की एक टीम मौके पर भेजी गई। मौके पर पहुंची टीम ने कई घंटे तक तालाब में सर्च अभियान चलाया। जिसमें कई घंटे कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को जाल में फंसाया गया। इस मामले में क्षेत्रीय वन अधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया जहां से मगरमच्छ को रेस्क्यू किया गया है। उसे गंगा में रिलीज किया गया जहां पर वह अनुकूल परिस्थितियों में रहेगा। उधर तालाब में मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। उन्होंने कहा कि इस तालाब पर पिछले दो सालों से मगरमच्छ देखा जा रहा है। तालाब में और भी मगरमच्छ हो सकते हैं।