योगी सरकार भले ही लाख दावे कर रही हो कि प्रदेश में लोग सुरक्षित हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि योगीराज में पुलिस वाले भी सुरक्षित नहीं। एक ऐसा ही मामला सामने आया जहां दरोगा का बीच सड़क पर कत्ल कर दिया गया।
बिजनौर में मंडावर थाने से अपनी चौकी पर लौट रहे बालावाली चौकी इंचार्ज दरोगा सहजोर सिंह मलिक की शुक्रवार शाम बदमाशों ने लूट के बाद धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी। उनकी सर्विस पिस्टल भी बदमाश लूटकर ले गए।
चौकी इंचार्ज का शव सड़क के एक ओर धान के खेत में पड़ा मिला है। चौकी इंचार्ज की हत्या से पुलिस में हड़कंप मच गया। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। डीएम जगतराज व एसपी अतुल शर्मा भी मौके पर पहुंच गए।
सहजोर सिंह मलिक मंडावर थाने की बालावाली चौकी के इंचार्ज थे। वे शुक्रवार को किसी काम से थाने में आए थे और शाम को ही बाइक से चौकी को लौट गए। रात करीब साढ़े आठ बजे राहगीरों ने सहजोर सिंह मलिक की बाइक गांव गोपालपुर की ओर कांच की फैक्ट्री के पास पड़ी देखी।
उन्होंने आसपास देखा तो सड़क के एक ओर सहजोर सिंह मलिक का रक्तरंजित शव पड़ा था। सहजोर सिंह मलिक की गला काटकर हत्या की गई थी। उनकी सर्विस पिस्टल भी गायब थी। चौकी इंचार्ज की लूट व हत्या की खबर मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया व आसपास के गांव वाले जमा हो गए।
चौकी इंचार्ज की ही हत्या करने आए थे बदमाश
मौके पर पहुंचे अधिकारी
एम, एसपी के अलावा अन्य आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। दरोगा की हत्या की आला अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। सहजोर सिंह मलिक शामली के रहने वाले थे और वर्तमान में मेरठ जिले में कंकरखेड़ा बाईपास के पास रहते थे।
घटनास्थल की स्थिति से लग रहा है कि बदमाशों का मकसद चौकी इंचार्ज सहजोर सिंह मलिक की ही हत्या करना था और वे दरोगा के इंतजार में घात लगाकर बैठे थे। बदमाशों ने अच्छी तरह शिनाख्त करने के बाद ही सहजोर सिंह मलिक का कत्ल किया।
बदमाशों ने हत्या के वक्त दरोगा का हेलमेट तक नहीं उतारा था। पुलिस ने इसी बिंदु पर केस की जांच भी शुरू कर दी है। एसपी ने बताया कि गन्ना काटने वाली बलकटी से उनकी हत्या की गई है।
चौकी इंचार्ज सहजोर सिंह मलिक एक साल से ज्यादा समय से बालावाली पुलिस चौकी पर तैनात थे। तेज तर्रार होने के कारण वे काफी समय से बदमाशों के निशाने पर थे। चौकी इंचार्ज होने के कारण उनका मंडावर थाने पर आना जाना रहता था। वे अक्सर शाम को ही थाने जाते थे।
यह बात बदमाशों को पता थी। बदमाश सहजोर सिंह के इंतजार में घात लगाकर बैठे थे। पुलिसकर्मियों के अनुसार सहजोर सिंह मलिक करीब पांच बजे मंडावर थाने से बालावाली चौकी के लिए निकल गए थे।
पुलिस कर रही छानबीन
जांच करते पुलिस अधिकारी
रास्ते में एक जगह रिक्शा व बाइक की भिड़ंत होने पर उन्होंने घायलों को उपचार के लिए भी भिजवाया था। थाने से चौकी की दूरी केवल 20-22 किलोमीटर की है। लेकिन सड़क बहुत खराब होने के कारण चौकी तक जाने में एक घंटा तक लग जाता है। यह रास्ता बहुत सुनसान है।
बदमाशों ने सहजोर सिंह की हत्या करने में इसी का फायदा उठाया। बदमाश एक सुनसान जगह पर घात लगाकर बैठ गए। बदमाशों ने सहजोर सिंह मलिक के पास आते ही हमला बोल दिया। बदमाशों ने उन्हें पिस्टल निकालने का मौका भी नहीं दिया होगा।
बदमाशों ने उनकी बाइक नहीं लूटी, केवल पिस्टल लेकर फरार हुए। कुछ पुलिसकर्मी भी मान रहे हैं कि बदमाश सहजोर सिंह मलिक की ही हत्या करने आए थे। हत्या कर सहजोर सिंह मलिक की लाश धान के खेत में डाल गए। पुलिस का मानना है कि हत्या करीब सात बजे के आसपास की गई होगी।
त्या वाला रास्ता यूपी व उत्तराखंड को जोड़ता है। यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाश हत्या करने के बाद उत्तराखंड भाग सकते हैं। हत्या को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
सहजोर सिंह अक्सर बाइक पर एक सिपाही को भी साथ रखते थे। लेकिन शुक्रवार को वे अकेले ही थाने आए थे। बदमाशों ने इसका फायदा उठाया और सुनसान इलाके में निर्ममता से उनकी हत्या कर दी।
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