पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की मीट फैक्टरी अल फहीम पर 12 फरवरी को सीलिंग की कार्रवाई होगी। प्रशासन की सहमति से एमडीए ने तारीख तय कर दी है। इस दौरान स्थानीय थाने के अलावा पांच अन्य थानों की भी भारी फोर्स मौके पर मौजूद रहेगी। वहीं याकूब कुरैशी ने इस कार्रवाई को ज्यादती बताया है।
यह है प्रकरण
बसपा सरकार में मंत्री रहे याकूब कुरैशी की हापुड़ रोड पर अल फहीम मीटैक्स नाम से फैक्टरी है। इसके मानचित्र को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। एमडीए अधिकारियों के मुताबिक इस मीट फैक्ट्री का मानचित्र स्वीकृत नहीं है। दरअसल, फैक्ट्री में ग्रीन बेल्ट, सार्वजनिक उपयोग की भूमि, रोड बाइंडिंग एवं औद्योगिक क्षेत्र की भूमि शामिल है। गत वर्ष एमडीए की टीम फैक्ट्री को सील करने गई थी, पर यहां भारी विरोध के कारण टीम बैरंग लौट आई। इसके बाद कई बार सील लगाने की कोशिश की गई, लेकिन नहीं लगाई जा सकी। उधर फैक्टरी संचालकों का कहना है कि यह ज्यादती की जा रही है। मास्टर प्लान बनने से पहले फैक्टरी बनी है। अब जानबूझकर यह कार्रवाई की जा रही है।
होते-होते रह गया था एक्शन
याकूब के पुत्र इमरान कुरैशी ने इस आपत्ति दर्ज कराते हुए अपना पक्ष एमडीए में रखा था। बताया कि कुल कवर्ड एरिया 34903.83 वर्गमीटर है। मौके पर प्रत्यावेदक की कुल जमीन 126788 वर्गमीटर है, लेकिन प्रत्यावेदक द्वारा मात्र कवर्ड एरिया का मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए आवेदन किया गया है। ऐसे में मानचित्र स्वीकृत किया जाए। आयुक्त के यहां भी प्रत्यावेदन दिया गया और वहां से कराई गई जांच में सामने आया कि फैक्टरी का कुल क्षेत्र 126788.00 वर्गमीटर है। भू-तल पर खुला क्षेत्रफल 85953.60 वर्गमीटर, जबकि भूतल पर पर कवर्ड क्षेत्रफल 34903.83 वर्गमीटर है। प्रथम तल पर कवर्ड एरिया 1300.79 वर्गमीटर है। कुल कवर्ड एरिया 36204.61 वर्गमीटर मिला।
भू उपयोग में फंसा पेंच
भू उपयोग की जांच में स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री में हरित क्षेत्र में निर्मित क्षेत्रफल 2322.81 वर्गमीटर है। औद्योगिक क्षेत्र में निर्मित क्षेत्रफल 1878.62 वर्गमीटर, जबकि सार्वजनिक उपयोग की भूमि में निर्मित क्षेत्रफल 30702.40 वर्गमीटर है। हरित क्षेत्र में निर्मित क्षेत्रफल 2322.81 वर्गमीटर को पूरी तरह से अवैध माना गया।
स्टे खारिज होने से अब हो रहा एक्शन
26 अक्टूबर 2018 को सचिव एमडीए ने आदेश किया कि फैक्टरी के ग्रीन बेल्ट पर बने भाग को सील कर दिया जाए। इस पर इमरान ने शासन में अपील की। 27 दिसंबर को शासन ने कार्रवाई को स्टे कर दिया। कहा कि संचालक को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए। पिछले सप्ताह विशेष सचिव आवास एवं शहरी नियोजन राजेश कुमार पांडेय ने स्टे को बढ़ाने से इंकार कर दिया। कहा कि अल फहीम संचालक कोई साक्ष्य पेश नहीं कर पाए।
अब सील होगी फैक्टरी
अब एमडीए ने फैक्टरी को सील करने की तैयारी कर ली है। बैठक में तय किया गया कि 12 फरवरी को कार्रवाई की जाए। इस पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सहमति जता दी। जिलाधिकारी एवं एसएसपी को भी जानकारी दे दी गई। एसपी देहात खुद मौके पर मौजूद रहेंगे। तीन मजिस्ट्रेट, पांच थानों की पुलिस इंस्पेक्टर समेत, आरआरएफ और एक कंपनी पीएसी तैनात रहेगी।
वर्जन
एमडीए को यदि और ज्यादा फोर्स की आवश्यकता है तो दी जाएगी। 20 थानेदार भी चाहिए तो मिलेंगे। एमडीए अपनी कार्रवाई पूरी करे।
- राजेश कुमार, एसपी देहात
ये लोग गलत कर रहे हैं। मैं बाहर हूं, आकर पूरी स्थिति को एक बार देखूंगा। अब जो भी होगा, देखा जाएगा।
- याकूब कुरैशी, पूर्व मंत्री