प्रह्लाद नगर में दूसरे दिन भी सांप्रदायिक तनाव की स्थिति रहीं। नामजद तीन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में व्यापारियों ने बुधवार दोपहर तक बाजार बंद रखे। सूचना पर एसपी सिटी मौके पर पहुंचे। जहां उनकी व्यापारियों से तीखी झड़प हो गई। एसपी सिटी ने व्यापारियों को आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी कराने का आश्वासन देकर बाजार खुलवाया। तनाव को देखते हुए पुलिस पिकेट लगा दी गई है।
डेढ़ लाख रुपये की रंगदारी न देने पर दूसरे समुदाय के लोगों ने मंगलवार शाम प्रह्लाद नगर में भाजपा कार्यकर्ता राहुल वैध पर जानलेवा हमला किया था। आरोपी फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी महमूदनगर कोतवाली निवासी साजिद को घटना के तीन घंटे बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। जबकि तीन आरोपी पकड़े नहीं गए। बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे तक भी प्रह्लाद नगर के बाजार न खुलने की खबर मिलने पर एसपी सिटी वहां पहुंचे। व्यापारियों से बातचीत की। फरार तीनों आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी न होने पर व्यापारियों की एसपी सिटी से नोकझोंक हुई। व्यापारियों ने खुद को असुरक्षित बताकर बाजार में पुलिस फोर्स लगाने की मांग की। जिस पर एसपी सिटी ने प्रह्लाद नगर में अस्थायी पुलिस पिकेट लगा दी।
स्कूल बंद कराने पर हुआ हंगामा
प्रह्लाद नगर का बाजार बंद कराने के बाद भाजपाई और व्यापारी लिसाड़ीगेट थाने से सटे हरमिलाप स्कूल को बंद कराने पहुंचे। जिस पर वहां हंगामा हो गया। स्कूल प्रशासन ने बंद कराने पर आपत्ति की। सूचना पर इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट रघुराज सिंह वहां पहुंचे। भाजपाई और व्यापारियों को समझाया।
क्या प्रह्लाद नगर छोड़कर चले जाएं?
प्रह्लाद नगर के स्थानीय लोगों ने इस दौरान पुलिस को बताया कि यहां रोजाना अराजकता का माहौल रहता है। दूसरे समुदाय के युवक बाइक से घूमते हैं। हूटिंग और लड़कियों से छेड़खानी की घटना करते हैं, जिससे माहौल खराब होता है। कई बार लिसाड़ीगेट पुलिस से शिकायत की। लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं। व्यापारियों ने सवाल किया कि क्या वह प्रह्लाद नगर छोड़कर चले जाएं। स्थिति कंट्रोल नहीं की गई तो प्रह्लाद नगर में बवाल होना तय है। लोगों ने कहा कि शोहदों को रोक लो, नहीं हमें प्रह्लाद नगर छोड़ना पडे़गा।
बवाल कराने की चल रही साजिश
छोटी-छोटी घटना पर सांप्रदायिक माहौल बनाने के पीछे शरारती तत्व बवाल कराने की साजिश बना रहे है। प्रह्लाद नगर, भगत सिंह मार्केट, छीपी टैंक, लालकुर्ती समेत कई ऐसी जगह हैं, जहां पर दो समुदाय के विवाद को तूल देने का प्रयास होता है। दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आते है। राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते हुए पुलिस जांच तक नहीं कर पाती। चौतरफा दबाव पड़ने पर पुलिस कानून व्यवस्था संभालने में लगी रहती है। प्रह्लाद नगर वाली घटना में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। एसपी सिटी का कहना है कि यह मामला बाइक न हटाने को लेकर हुआ है। रंगदारी के आरोप की जांच चल रही है। कुछ लोग बेवजह मामले को तूल देकर शहर में बवाल कराने की साजिश रच रहे हैं। पुलिस ने नामजद आरोपी को तीन घंटे बाद ही पकड़ लिया था। छोटी-छोटी घटनाओें को लेकर सांप्रदायिक माहौल बनाने के पीछे शरारती तत्वों की गहरी साजिश चल रही है। जिस पर पुलिस की नजर है।
समिति अध्यक्ष को चेतावनी
आरोपी पक्ष की पैरवी में एक समिति के कार्यकर्ता बुधवार को एक मकान में गोपनीय मीटिंग करते रहे। उनका आरोप था कि साजिद को पहले पीटा और फिर दबाव डालकर उसी पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस को गोपनीय मीटिंग की जानकारी लगी तो उन्होंने समिति अध्यक्ष को फोन किया। एसपी सिटी ने चेतावनी दी कि अगर शहर में कोई बात हुई तो मुकदमा उसके खिलाफ सबसे पहले दर्ज होगा। गोपनीय मीटिंग करने के पीछे उनकी कौन सी साजिश चल रही है।
सांप्रदायिक तनाव नहीं है
पुलिस ने नामजद आरोपी साजिद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाकी आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें भी जेल भेजा जाएगा। सांप्रदायिक तनाव नहीं है। एहतियात के तौर पर प्रह्लाद नगर में पुलिस फोर्स लगा दी है। एसपी सिटी इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। -अखिलेश कुमार, डीआईजी