एसएसपी ऑफिस पर शुक्रवार को एक महिला ने दो मासूम बच्चों के साथ आत्मदाह करने का प्रयास किया। महिला ने एसएसपी के सामने ही खुद पर केरोसिन उडे़ल लिया। यह देख पुलिसकर्मियों ने महिला को पकड़ा तो वह बेहोश होकर गिर पड़ी। महिला का कहना था कि पुलिस उसके ससुराल वालों को नहीं पकड़ती और वह उसको मारने की धमकी दे रहे हैं। इस पर एसएसपी ने एसओ मुंडाली और दरोगा को सस्पेंड कर दिया।
मुंडाली थानाक्षेत्र के सिसौली गांव निवासी नरगिस खान का निकाह दस साल पहले दिल्ली के मुस्तफाबाद निवासी यूनुस से हुआ था। नरगिस ने 2014 में मुंडाली थाने में अपने दो जेठ फारूक, फिरोज और आकिल के खिलाफ अपहरण के प्रयास और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।
नरगिस खान शुक्रवार सुबह अपने दो मासूम बच्चे और बहन के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची। दोपहर सवा दो बजे महिला को एसएसपी ने उसकी शिकायत सुनने के लिए बुलाया। महिला ने एसएसपी के सामने केरोसिन की बोतल निकाली और बच्चों समेत खुद के ऊपर उडे़ल ली। महिला ने आग लगाने के लिए माचिस निकाली तो एसएसपी ऑफिस में अफरातफरी मच गई। इस बीच एसएसपी, दो सीओ, तीन इंस्पेक्टर, आठ दरोगा और 12 सिपाही नरगिस खान से केरोसिन की बोतल और माचिस छीनने लगे तो महिला बेहोश होकर फर्श पर गिर पड़ी।
महिला कांस्टेबल रश्मि ने नरगिस खान को पानी पिलाया, तब जाकर उसको होश आया। महिला से एसएसपी ने मामले की जानकारी ली। शिकायत सुनने के बाद एसएसपी ने तत्काल एसओ मुंडाली जितेंद्र यादव और दरोगा सुखवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया। एसएसपी डीसी दूबे ने बताया कि यह महिला एक सप्ताह पहले भी उनके ऑफिस में आई थी। तभी उन्होंने एसओ और विवेचक को बुलाकर तत्काल गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए थे। कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर उनको सस्पेंड किया है।
नरगिस उठो, एसओ को सस्पेंड कर दिया
केरोसिन उडे़लने के बाद महिला बेहोश हो गई थी। एसएसपी महिला के पास पहुंचे और बोले नरगिस उठो, मैंने एसओ और विवेचक को सस्पेंड कर दिया। महिला कांस्टेबल ने पानी पिलाया तो वह उठकर कुर्सी पर बैठ गई। एसएसपी बोले, तुम्हारी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होगी। सभी आरोपी गिरफ्तार होंगे, परेशान मत हो। दस मिनट बाद महिला बोली कि एसओ की गलती नहीं है, विवेचक दबिश देने से पहले आरोपियों को जानकारी दे देता है।
...नहीं तो सबको सस्पेंड कर दूंगा
यह मामला सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार, सीओ कार्यालय वंदना मिश्रा, इंस्पेक्टर सदर बाजार गजेंद्र पाल सिंह, इंस्पेक्टर सिविल लाइन एसके राणा, इंस्पेक्टर इकबाल अहमद कलीम, कार्यवाहक एसओ महिला, सात दरोगा और 12 सिपाही मौजूद थे। महिला के बेहोश होने पर एसएसपी बोले कि तमाशा देख रहे हो। महिला को पकड़ो, नहीं तो सबको सस्पेंड कर दूंगा। तब जाकर पुलिस फोर्स महिला को पकड़ने में लगी।
तेरे बच्चों को खाना भी खिलाऊं क्या?
नरगिस खान बच्चे और अपनी बहन के साथ तीन घंटे से एसएसपी ऑफिस में बैठी थी। महिला बार बार पुलिस से कहती कि मुझे एसएसपी से मिलना है। जिस पर इंस्पेक्टर सिविल लाइन एसके राणा ने कहा कि चुपचाप बैठी रहो, नंबर आएगा तो आपको बुलाया जाएगा। जिस पर नरगिस बोली कि सुबह से बैठे हैं, बच्चे भी भूखे हैं। इंस्पेक्टर ने जवाब दिया कि तेरे बच्चों को खाना भी मै खिलाऊंगा क्या? यह बात सुनकर लोगों ने आपत्ति भी जताई थी।
फरियादी बोले, नहीं होती सुनवाई
एसएसपी ऑफिस पर पहुंचे फरियादियों ने बताया कि वह दिनभर वहां पर अपनी शिकायत करने के लिए बैठे रहते हैं। एसएसपी से पुलिसकर्मी मिलने नहीं देते। एसएसपी सत्ताधारी नेताओं की शिकायत सुनते हैं, आम आदमी की नहीं। शुक्रवार को दिनभर फरियादियों की भीड़ लगी थी। फरियादी धूप में बैठे रहे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
शुक्रवार को फरियादियों की भीड़ बहुत थी। तीन बजे तक फरियादियों की शिकायत सुनी। महिला ने थाना स्तर से कार्रवाई न होने पर केरोसिन उडे़ला था। जिस पर एसओ मुंडाली और दरोगा को सस्पेंड कर दिया। ऑफिस में आने वाले सभी फरियादियों की शिकायत सुनता हूं। -डीसी दूबे, एसएसपी