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बदमाशों में नहीं रहा पुलिस का खौफ, थाने से 100 मीटर की दूरी पर मर्डर, आधा घंटे में पहुंची पुलिस 

Mon, 10 Jul 2017 09:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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आरिफ की मौत के बाद विलाप करते परिजनों को सांत्वना देतीं एसएसपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 जिस जगह आरिफ का बीच बाजार कत्ल हुआ। वहां से कोतवाली थाना 100 मीटर और लिसाड़ी गेट थाना महज 250 मीटर दूरी पर है, लेकिन लोगों का आरोप है कि पुलिस को मौके पर पहुंचने में आधा घंटा लग गया। लोग भूरा को बाइक पर डालकर ही अस्पताल ले गए ।
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भीड़ में शामिल लोगों का कहना था कि 100 नंबर पर पुलिस को घटना की जानकारी दे दी गई थी लेकिन पुलिस नहीं आई। कोतवाली थाना भी यहां से केवल 100 मीटर दूरी पर है लेकिन थाने की पुलिस भी यहां नही आई। मुश्किल से 250 मीटर दूर लिसाड़ी गेट थाना पड़ता है। जबकि 50 मीटर दूर चौराहे पर ही यातायात पुलिस वाले तैनात रहते हैं, लेकिन इन सबके बावजूद हमलावरों ने जिस निडर तरीके से वारदात को अंजाम दिया उससे साफ है कि उनमें पुलिस का खौंफ नहीं था। करीब आधा घंटा बाद पुलिस मौके पर पहुंची। काफी देर तक भूरा तड़पता रहा। काफी देर बाद लोग हिम्मत करके खुद ही उसे बाइक पर डालकर अस्पताल ले गए। हालांकि एएसपी रणविजय सिंह का कहना था कि पुलिस सूचना के कुछ ही मिनट बाद पहुंच गई थी। यूपी 100 से ही अस्पताल ले जाया गया था। 

सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस
आरिफ हत्याकांड के बाद जांच में जुटी पुलिस को देर रात कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे हैं। रात को पुलिस हापुड़ रोड पर कट रही कालोनी के आसपास की दुकानों की फुटेज खंगाल रही है। 
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घटना के बाद एसएसपी मंजिल ने घटना स्थल का मुआयना किया, परिजनों से बात की। इसके बाद एसएसपी और एसपी सिटी ने कोतवाली जाकर देर रात तक कैंप किया। आफिर और शक के दायरे में आए फाइक और सारिक पक्ष का पूरा चिट्टा खंगाला। पुलिस ने अपने मुखबिरों की मदद ली तो कुछ जानकारियां मिली हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस को जानकारी मिली है कि फाइक और सारिक पक्ष के लोग हापुड़ अड्डे पर प्लाटिंग कर कालोनी काट रहे हैं। हत्या से पहले इस प्लाटिंग स्थान पर कुछ लोगों को देखा गया है। आशंका है कि ये लोग हत्यारे हो सकते हैं। सटीक मुखबिरी के बाद ही यहां से हत्यारे हत्या को अंजाम देने निकले हैं। इस शक को पुख्ता करने के लिए पुलिस टीम आसपास की दुकानों और रास्ते की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कर रही है। 

फारेंसिक टीम पहुंची 
मेरठ। घटना के बाद पुलिस ने भीड़ को देखते हुए हेयर सैलून को बंद करा दिया था। आधी रात करीब 12 बजे पुलिस की फारेंसिक टीम मौके पर पहुंची । वहां खोखे बरामद हुए। पुलिस टीम ने मौके से कई चीजों से फिंगर प्रिंट उठाए। 

इनसेट
उन्होंने हमारी खुशियां छीन ली
एएसपी से बोली आरिफ की भाभी, पहले आरिफ को लाओ, फिर बात करूंगी 

आरिफ की हत्या के बाद उसके घर में कोहराम मचा है। परिजनों को सांत्वना देने पहुंची एसएसपी से आरिफ की भाभी ने बिलखते हुए कहा उन्होंने हमारे आरिफ को छीन लिया । पहले हमारे आरिफ को लाओ जब बात करेंगे। 

आरिफ की हत्या के बाद एसएसपी मंजिल सैनी इस्माइल नगर स्थित आरिफ के घर पहुंची। घर में कोहराम मचा था। परिजनों को सांत्वना देने के बाद एसएसपी ने परिजनों से पूछा कि उन्हें किस पर शक है। ये सुनकर उसकी भाभी बिलख पड़ी। रोते हुए उसने कहा बताओ कहां है हमारा आरिफ, हमें कुछ नहीं कहना, पहले हमारा आरिफ लाओ फिर बात करेेंगे। एसएसपी बोली वे उनका दुख समझती हैं, लेकिन यदि पुलिस को जल्द नहीं बताया गया तो हत्यारे दूर निकल जाएंगे। पुलिस उन्हें जल्द न्याय कैसे दिला पाएगा। काफी प्रयास के बाद भाभी ने रोते हुए फाइक और सारिक पक्ष का नाम लिया। कहा उन लोगों ने हमारी खुशियां छीन ली हैं। आरिफ ने पहले ही बताया था वो लोग उनकी जान के दुश्मन बने हैं। धमका रहे हैं। आज उन्होंने ये सब कर दिया। 
आरिफ के परिवार में उसके माता पिता नहीं है। आरिफ  की दो शादी हो चुकी हैं। उसके परिवार में एक बेटा अर्श (5) और बेटी (1) हैं।  आरिफ की पत्नी अमरीन का रोकर बुरा हाल था। उसका एक बड़ा भाई निजामुद्दीन है। दोनों भाइयों का परिवार संयुक्त रूप से एक साथ रहता था। 

दोस्ती रिश्तेदारी में बदली
मेरठ। आरिफ और भूरा दोनों दोस्त हैं। आरिफ इस्लाइल नगर का रहने वाला है जबकि भूरा पुत्र अली मुहम्मद अहमद नगर का रहने वाला है। आरिफ के भाई नियाजुद्दीन की बेटी की शादी भूरा के चाचा के बेटे से हुई है। लिहाजा दोनों रिश्तेदार बन गए , लेकिन रविवार को दोनों एक साथ दुनिया छोड़ गए ।
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