मेरठ में डकैती की घटना की जानकारी लेतीं डीआईजी।
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पांच दिनों में डकैती की दो और लूट की चार वारदातों से शहर थर्राया हुआ है। क्राइम कंट्रोल फ्रंट पर पुलिस की लचर कार्यशैली को लेकर लोगों में आक्रोश है। इसको लेकर डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने सोमवार को एसपी सिटी ऑफिस में मीटिंग बुला ली। जिसमें सीओ और शहर के थानेदारों की जमकर क्लास लगाई।
डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने डकैती की वारदातों पर गहरी नाराजगी जताते हुए सिविल लाइन सर्किल के तीन दरोगा और दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया। डीआईजी की सख्ती से महकमे में हड़कंप मच गया। देर रात तक सड़कों और पाश कॉलोनियों में पुलिस गश्त करती नजर आई।
डीआईजी ने मीटिंग में एसपी सिटी ओपी सिंह और एसपी क्राइम अजय सहदेव के अलावा क्राइम ब्रांच की टीम को डकैती व लूट की वारदातों पर बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए। कहा कि लापरवाही किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। सभी केस सही और जल्द वर्कआउट किए जाएं। डीआईजी ने बताया कि शास्त्रीनगर में रिटायर बैंक अधिकारी ललित मोहन शर्मा के मकान में डकैती की वारदात में लापरवाही बरतने पर दरोगा सुरेंद्र सिंह और कांस्टेबल मनोज कुमार को सस्पेंड किया गया। जबकि डॉ. कपिल गर्ग के घर डकैती के मामले में दरोगा सतीश चंद शर्मा व शिव सिंह के अलावा कांस्टेबल सूरजपाल सिंह को निलंबित किया गया है।