बागपत के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में दो साल पहले दो सगी बहनों से अश्लील हरकतें और एक बहन से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वारदात के वक्त एक बहन की उम्र चार और दूसरी की उम्र पांच साल थी।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एवं विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट शैलेश पांडेय की कोर्ट में हुई। डीजीसी सुनील पंवार और एडीजीसी राजीव तोमर ने बताया कि वारदात 27 सितंबर 2017 की है। पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी चार और पांच साल की दो बेटियां घर के बाहर खेल रही थीं। मोहल्ले का ही युवक पहुंचा और दोनों के साथ अश्लील हरकत करने लगा। चार साल की मासूम चिल्लाते हुए घर की तरफ भागी और परिवार को जानकारी दी। पांच साल की मासूम को आरोपी निकट ही खाली प्लॉट में ले गया और उसके साथ गलत हरकत की। शोर मचाने पर लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। बड़ौत कोतवाली में धारा 376 और 5/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया।
एडीजीसी राजीव तोमर ने बताया कि बुधवार को अदालत ने आरोपी पर दोष सिद्ध करते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। एक लाख का अर्थदंड नहीं दिए जाने पर एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने आदेश में कहा है कि अर्थदंड की धनराशि में से 40-40 हजार रुपये दोनों बहनों को दे दी जाए।
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