साइबर अपराधी ठगी के नये- नये तरीके इजाद कर रहे हैं। इस बार जानवरों को ठगी का हथियार बनाया गया है। ठगों ने फाइनेंस कंपनी संचालक को निशाना बनाते हुए महज 10 सेकेंड में बैंक अकाउंट से एक लाख रुपये उड़ा दिए। पीड़ित ने साइबर सेल, पुलिस और आरबीआई से ठगी की शिकायत की है।
मेरठ में सूरजकुंड निवासी नवीन चौधरी का मंगलपांडे नगर में हाउसिंग फाइनेंस का ऑफिस है। शनिवार सुबह उन्होंने ऑफिस के सामने बीमार पड़े घोड़े की मदद का मन बनाया। उन्होंने गूगल पर एनीमल केयर की तलाश की तो एक टोल फ्री नंबर मिला। उन्होंने कॉल किया। फोन रिसीव करने वाले व्यक्ति ने 10 मिनट में मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। साथ ही एक अन्य नंबर से फोन आने की बात कही। फोन काटने के कुछ ही सेकेंड में दूसरे नंबर से फोन आया। फोन करने वाले शख्स ने मदद के एवज में एक फार्म भरने को कहा। जिसका शुल्क 10 रुपये था। नवीन के हामी भरते ही उनके फोन पर एक लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करते ही एक पेज खुला, जिस पर एनीमल केयर लिखा था। उन्होंने फार्म भर दिया। धनराशि के बॉक्स में 10 रुपये डालते ही कन्फर्मेशन आई। उनके कंफर्म करते ही खाते से एक लाख रुपये की धनराशि कट गई। उन्होंने उस नंबर पर संपर्क किया तो वह बंद था। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने मेडिकल थाने में तहरीर दी। साइबर सेल में भी शिकायत की।
एनीमल केयर नहीं लेती शुल्क
अपने मित्र राजकुमार के माध्मय से नवीन एनीमल केयर सोसाइटी के सचिव अंशुमाली वाशिष्ठ से मिले। उन्हें पूरा वाकया बताया। नवीन का कहना था कि भीम यूपीआई एप सबसे सुरक्षित है। इसके बावजूद ठगों ने उनके अकाउंट से एक लिंक की मदद से एक लाख रुपये उड़ा दिए। अंशुमाली वाशिष्ठ ने बताया कि उनकी संस्था किसी भी जानवर के उपचार की एवज में कोई शुल्क नहीं लेती।
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