आधुनिक युग में अंधविश्वास के नाम पर पहले परिवार को जकड़ा। फिर मुर्दे में प्राण फूंकने के नाम पर वहशियाना हरकतें कीं। जिन्हें सुनकर ही रूह कांप जाए। तंत्र-मंत्र के नाम पर ‘नरपिशाच’ बने ढोंगी बाबा ने मानिक के शव की बेकद्री करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस वहशीपन से रविवार को खुद मानिक के पिता ने पर्दा उठाते हुए थाना ब्रह्मपुरी पहुंचकर तहरीर दी है। जिसमें ढोंगी बाबा, उसके भाई और उनकी पत्नियों समेत पांच लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शिव शक्ति नगर, ब्रह्मपुरी निवासी व्यापारी कपिल मित्तल द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाते हुए बताया गया कि मेरे पुत्र मानिक (6) की विगत 6 अक्तूबर को दयानंद अस्पताल में मौत हो गई थी। उसके शरीर को दफनाने के लिए सूरजकुंड उसी दिन शाम को करीब 8:30 बजे लेकर पहुंच गया था। जहां मानिक के शव के पास मुख्य आरोपी तथाकथित बाबा संजय बंसल और उसका भतीजा चेतन निवासी इंद्रानगर, ब्रह्मपुरी मौजूद थे। जो कि मेरे दूर के रिश्तेदार लगते हैं।
मुझसे कहा गया कि उन्होंने कई असंभव कार्य इससे पहले भी किए हैं। दोनों ने माता रानी के आने का ढोंग रचकर मुझे व वहां पर मौजूद अन्य व्यक्तियों को विश्वास दिलाया कि मानिक की मृत्यु गलत हो गई है। यदि मैं उनकी बात मानूंगा तो मानिक फिर से 72 घंटे में जीवित हो जाएगा। जब मैंने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया तो दोनों ने मुझसे कहा कि वह तो मेरे रिश्तेदार हैं। तथा मेरा अहित नहीं चाहेंगे। और यदि मैंने उनकी बात नहीं मानी तो माता रानी का क्रोध मुझ पर व मेरे परिवार पर कहर बनकर टूटेगा।
तथा मेरे परिवार में तुरंत किसी न किसी अन्य व्यक्ति की मौत हो जाएगी। जिससे मैं काफी घबरा गया और मानिक के मृत शरीर को लेकर घर वापिस आ गया। घर पर ही आरोपी संजय, उसका बड़ा भाई ब्रिजेश और इन दोनों की पत्नियां भी आ गईं। ये सभी हमारे घर पर आकर पूजा पाठ करते रहे। इनकी पत्नियां विश्वास दिलाती रहीं कि दोनों पहुंचे हुए ‘भगत’ हैं। मानिक को हर सूरत में जिंदा करके ही मानेंगे।
तहरीर में संगीन आरोप लगाए गए हैं कि दोनों आरोपी भाईयों ने पूजा पाठ का बहाना करते हुए मेरे मृतक पुत्र मानिक के मुंह में अपने मुंह से पानी डाला। मुंह में अंगुली डालकर खून निकालकर उसको चाटा। उसमें थप्पड़ बजाए। मानिक के सिर के बाल पकड़कर उठाया। मानिक के शरीर के सारे जोड़ तोड़ दिए। जिससे मानिक का शरीर मुलायम लगता रहे। मानिक के शरीर के ऊपर चढ़कर बैठ जाते थे। तथा कोई क्रिया करते थे। यह मेरे पुत्र मानिक के शरीर को गरम पानी से दिन में तीन बार साफ कराते थे। 10 अक्तूबर की रात दोनों भाई और उनकी पत्नियां चुपचाप मेरे घर से चले गए। जिससे मुझे यह विश्वास हो गया कि अब मेरा पुत्र जीवित नहीं हो सकता। जिसके बाद उसे रीति रिवाज के साथ सूरजकुंड ले जाकर दफना दिया।
माता रानी की देता था धमकी
चमत्कार की आस लगाए बैठे परिजन चुपचाप उसका ढोंग देखते रहे। क्योंकि उसने पहले ही धमकी दे रही थी कि पूजा पाठ के दौरान किसी ने दखल दिया तो माता रानी नाराज हो जाएगी।
नेताओं ने डाला दबाव
अब मामला उजागर होने पर नेताओं का कपिल के घर आना-जाना लगा है। केस दर्ज न कराने का दबाव डाला जा रहा है। जबकि लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले ढोंगी बाबा पर कार्रवाई होनी चाहिए। उसके लिए चाहे शव का पोस्टमार्टम भी क्यों न कराना पड़े। गौरतलब है कि मुख्य आरोपी संजय की ब्रह्मपुरी थाने के सामने ही दुकान है। उसका थाने पर आना-जाना भी बताया गया।
मत पड़ना अंधविश्वास में
इस पूरे प्रकरण के बाद पीड़ित पिता कपिल ने पुलिस से कहा कि इन सभी आरोपियों ने मुझसे और मेरे मृतक पुत्र मानिक के साथ जो दुर्व्यवहार किया है, उसमें मैं पूर्णतया दुखी हूं। पुलिस केस दर्ज आरोपियों को गिरफ्तार करे। साथ ही लोगों से भी अपील की है कि वे अंधविश्वास में न पड़ें। ताकि ऐसे ढोंगी भविष्य में किसी अन्य के बच्चे के साथ ऐसा घिनौना काम न करें।
मुख्य आरोपी संजय, उसके भाई ब्रिजेश और इनकी पत्नियों के अलावा चेतन के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। सख्त कार्रवाई की जाएगी। - यादराम यादव, एसओ ब्रह्मपुरी
अंधविश्वास के खिलाफ संत समाज एकजुट
ब्रह्मपुरी में धर्म के नाम पर मृत बच्चे को जीवित करने का ढोंग करते हुए कथित बाबा ने परिवार और समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। इस घटना ने एक बार फिर धर्म में अंधविश्वास को बढ़ाने का प्रयास किया। ये शब्द मठ मंदिर सुरक्षा समिति के संरक्षक महंत महेंद्र दास जी महाराज ने कहे।
वेस्ट एंड रोड स्थित शनि मंदिर में संत समाज ने सामूहिक रुप ने बैठक कर कथित बाबाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संतों ने ऐसे बाबा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्णय लिया। ऊं शिव महाकाल सेवा समिति के संरक्षक अभिषेक अग्रवाल ने कहा अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाले कथित बाबा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाना जरूरी है। समाज के लिए ऐसे बाबा बड़ा खतरा हैं। अगर इन साधुओं पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में यह शमशान में गड़े मुर्दे निकालकर उन पर भी एक्सपेरिमेंट कर सकते हैं।
अभिषेक ने कहा कि प्रशासन और शासन से संत समाज ने कार्यवाही की मांग की। लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए। संत समाज भी एकजुट होकर कथित बाबा के खिलाफ ब्रह्मपुरी थाने में मुकदमा दर्ज कराकर कार्यवाही की मांग करेगा। संत समाज की इस पहल से अंधविश्वास को बढ़ावा देने वालों को भी सबक मिलेगा। बैठक में ऊं शिव महाकाल सेवा समिति, मेरठ मंडल संत समाज और मठ मंदिर सुरक्षा समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।
भारतीय संस्कृति श्रीराम और कृष्ण की देन है। हमारी संस्कृति को आहत करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए। जीवन मृत्यु के चक्र का निर्धारण करने का अधिकार ईश्वर के हाथ में है। - राजराजेश्वरी पीठाधीश्वर दिव्यानंद जी महाराज
कथित तांत्रिक ने समाज में अपना जाल बुनकर लोगों की बुद्धि को प्रभावित करने का प्रयास किया है। इस कृत्य से समाज के हित में कार्य करने वाले साधु भी प्रभावित होते है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए। - महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर निलिमा नंद जी महाराज
आस्था के नाम पर आम आदमी की कमजोरी को ढाल बनाया जाता है। जो धार्मिक और वैज्ञानिक रुप से भी सत्य नहीं होता। बुद्धिजीवियों और प्रशासन को आगे आकर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। - डॉ. महेश बंसल, अध्यक्ष बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति